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जम्मू लेह मार्ग तबाह, सेना की बढ़ी मुश्किलें!

Tue, 09 Sep 2014 08:16 AM IST
Updated Tue, 09 Sep 2014 08:16 AM IST
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now manali leh road remain the last way for army

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ के कारण जम्मू-लेह मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। इसे बनने में महीनों लग जाएंगे।

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ऐसे में अब कारगिल, लेह-लद्दाख क्षेत्रों तक असलाह बारूद, खाद्य सामग्री, गैस, मिट्टी का तेल और पेट्रोल व डीजल पहुंचाने के लिए सेना के पास मनाली-लेह मार्ग एकमात्र विकल्प बचा है। सीमा तक रसद पहुंचाने के लिए सेना इसी रास्ते का इस्तेमाल कर रही है।

सेना के सूत्रों के मुताबिक 15 सितंबर से अधिकारिक तौर पर बंद होने वाले मनाली-लेह मार्ग को इस बार दिसंबर माह तक बहाल रखने का प्रयास होगा। यदि सेना को सीमा तक रसद पहुंचाना है तो इस मार्ग को हर हाल में खुला रखना होगा।
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बीआरओ के लिए बड़ी चुनौती

now manali leh road remain the last way for army

लेह लद्दाख में फंसे कई लोग इसी रास्ते से आना शुरू हो गए हैं। सीमा सड़क सड़क संगठन के 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के बाद मनाली-लेह मार्ग पर यातायात बहाल रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है।

बीआरओ हर हाल में दिसंबर तक इस मार्ग पर यातायात बहाल रखेगा, ताकि कारगिल, लेह -लददाख में सेना के सामान का सर्दियों के लिए भंडारण किया जा सके।

कारगिल के बाद बने ऐसे हालात

ऐसे हालात 1999 में जम्मू-कश्मीर में कारगिल युद्ध के दौरान भी पैदा हुए थे। मनाली-लेह मार्ग सुरक्षित होने के कारण लेह और कारगिल तक असलाह बारूद तथा खाद्य सामग्री इसी मार्ग से भेजी गई थी।

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