Shimla: शिमला में अब रिहायश के लिए भवनों की एटिक पास करवाना होगा आसान, जानें पूरा मामला
शिमला में बने हजारों भवनों में नए नियमों के तहत रिहायशी एटिक का नक्शा पास करवाना और कंपलीशन लेना अब आसान होने वाला है।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बने हजारों भवनों में नए नियमों के तहत रिहायशी एटिक का नक्शा पास करवाना और कंपलीशन लेना अब आसान होने वाला है। नगर निगम ने रिहायशी एटिक से जुड़ी नक्शे और कंपलीशन संबंधी प्रक्रिया को आसान करने के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लिया है। महापौर सुरेंद्र चौहान के निर्देश पर अब इसे टीसीपी विभाग को भेजा जा रहा है।
इसके अनुसार लोग अपने भवन की एटिक को पास करवाने के लिए इसका नक्शा देकर अलग से आवेदन कर सकेंगे। इसमें पूरे भवन का रिवाइज नक्शा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नगर निगम भी कंपलीशन के समय सिर्फ एटिक का ही निरीक्षण करेगा और निर्माण सही पाए जाने पर इसे पास कर देगा। निगम के इस प्रस्ताव को यदि मंजूरी मिली तो शहर के हजारों भवन मालिकों को राहत मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने हाल ही में भवनों की एटिक का रिहायश के तौर पर इस्तेमाल करने की छूट दी है। इसके तहत भवन मालिक अब एटिक में बिजली-पानी के कनेक्शन भी लगा सकेंगे। हालांकि, नक्शे के अनुसार बने भवनों में ही इसकी छूट होगी। एटिक के रिहायशी इस्तेमाल के लिए पहले इसे नगर निगम से पास करवाना होगा। नगर निगम के संयुक्त आयुक्त भुवन शर्मा ने कहा कि भवनों की एटिक को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे जल्द टीसीपी विभाग को भेजा जा रहा है।
अभी प्रक्रिया लंबी, लोगों को नहीं मिल रहा फायदा
वर्तमान प्रक्रिया के अनुसार जिन लोगों ने पहले भवन की कंपलीशन ले ली है, उन्हें एटिक की कंपलीशन लेने के लिए अब दोबारा से पूरे भवन के नक्शे के साथ आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए लोगों को रिवाइज नक्शा नगर निगम में जमा करना पड़ता है जिसकी प्रक्रिया लंबी और खर्च भी ज्यादा है। वहीं, इनके आवेदन पर निगम एटिक के साथ निचली मंजिलों का भी निरीक्षण करता है कि ये नक्शे के अनुसार बने हैं या नहीं। अब नए प्रस्ताव में निचली मंजिलों का एटिक से कोई लेना देना नहीं होगा। लोग सिर्फ एटिक के नक्शे के साथ आवेदन करेंगे और निगम भी इसका निरीक्षण कर इसे कंपलीशन देगा। हालांकि, तकनीकी तौर पर इसे मंजूरी दे सकते हैं या नहीं, इस पर टीसीपी विभाग फैसला लेगा।