शिमलावासियों को एमसी ने दिया बड़ा झटका
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शिमला शहर में घर-घर से कूड़ा एकत्र करने का शुल्क बढ़ा दिया गया है। 2000 वर्ग फीट से कम और अधिक में घरेलू उपभोक्ताओं को बांटा गया है। 2000 वर्ग फीट से कम एरिया वाले घरों के शुल्क में 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
इन उपभोक्ताओं को अब प्रति माह 40 के बजाए 50 रुपये शुल्क देना होगा। 2000 वर्ग फीट से अधिक एरिया वाले घरों से 40 रुपये के बजाए 100 रुपये शुल्क लिया जाएगा।
मंगलवार को हुई सैहब सोसायटी की वार्षिक बैठक में घरेलू सहित कुल 56 अन्य श्रेणियों में भी कूड़ा देने का रेट बढ़ाया गया है।
एकमुश्त शुल्क देने पर 10 प्रतिशत छूट
यदि कोई उपभोक्ता यूजर चार्जिज की वार्षिक राशि एकमुश्त देना चाहे तो उसे 10 प्रतिशत छूट दी जानी चाहिए और यूजर चार्जिज प्राप्त करने के लिए सभी उपभोक्ताओं का कम्पयूटर में डाटा रखने के लिए वार्डों में सभी उपभोक्ताओं के घरों, दुकानों और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर यूजर कोड के साथ स्टिकर लगाए जा रहे हैं।
वहीं, बैठक में सोसायटी के कर्मियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई। 100 सफाई कर्मी को 5000 की जगह 5500 रुपये, 355 गारबेज कलेक्टर को 5000 रुपये की जगह 5700 और 100 रुपये मोबाइल भत्ता दिया जाएगा।
साथ ही 34 चालकों को 8000 की जगह 8800 रुपये, 25 सुपरवाइजरों को 7000 की जगह 7700 रुपये और 100 रुपये मोबाइल भत्ता देने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा अन्य कर्मियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई।
इन पर पहली बार लगा शुल्क
कैंटीन, धर्मशाला, कॉफी शॉप, क्लीनिक, क्लीनिक विद मेडिसिन शॉप, केमिस्ट शॉप, लैब, बड़े मॉल, मीट शॉप, कनफेक्शनरी, स्क्रैब डीलर, तहबाजारी और घरों में गाय-भैंस पालने वालों से गोबर उठाने पर शुल्क पहली बार लगाया गया है।
इनका घटाया शुल्क
छोटी बेकरी, टायर पंचर वर्कशॉप, रिपेयर वर्कशॉप, रिपेयर और स्पेयर पार्ट्स वर्कशॉप, नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से दूर वर्कशॉप का मासिक शुल्क घटाया गया है।
वहीं, वार्ड 12, 13 और संजौली बाजार से बाहर स्थित ढाबों, दो से लेकर बीस कमरों के ऑफिस, हजार वर्ग मीटर से कम बैंक, सरकारी स्कूल, सौ बच्चों से कम वाले निजी स्कूल, एक से बीस कमरों के पीजी हॉस्टल और गेस्ट हाउस, फैक्ट्री, रेस्टोरेंट, सरकारी कॉलेज, निजी कॉलेज, पचास बिस्तर तक अस्पतालों का शुल्क न बढ़ाया गया है और न ही घटाया गया है।