अब स्नातक पास भी बनेंगे नगर परिषद में ईओ और सचिव, आयोग ने बदले भर्ती नियम
अब कोई भी स्नातक पास नगर परिषद का कार्यकारी अधिकारी (ईओ) और नगर पंचायत का सचिव बन सकता है।
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हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने ईओ और सचिव पद की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। पहले ईओ और सचिव पद की भर्ती में लॉ स्नातक की पढ़ाई अनिवार्य थी, लेकिन अब लोक सेवा आयोग ने किसी भी संकाय के स्नातक को इसके लिए पात्र किया है। अब किसी भी विषय में स्तानक पास युवक-युवती ईओ और सचिव के पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।
ईओ और सचिव की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव करने पर सवाल उठ रहे हैं। लॉ ग्रेजुएट अभ्यर्थियों ने आरोप लगाए हैं कि कहीं, चेहेतों को भर्ती करने के लिए नियमों में बदलाव तो नहीं किए गए हैं। साथ ही अभ्यर्थियों ने कहा कि लोक सेवा आयोग पर हजारों अभ्यर्थियों से पैसे एकत्रित करने का आरोप जड़ा है। लॉ ग्रेजुएट विपिन, दिनेश कुमार, अरविंद कुमार, विनोद कुमार ने कहा कि लोक सेवा आयोग ने पैसे कमाने या प्रदेश सरकार ने अपने चेहेतों के लिए ईओ और सचिव की भर्ती नियम बदले हैं, जिसका वह विरोध करते हैं।
22 साल बाद हो रही है ईओ और सचिव 19 पदों के लिए भर्ती
लोक सेवा आयोग ने नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यकारी अधिकारी व सचिव पदों की भर्ती 22 साल बाद निकाली है। वर्ष 1998 में ईओ और सचिव पदों के लिए भर्ती हुई थी, जिनमें शैक्षणिक योग्यता लॉ ग्रेजुएट अनिवार्य थी, लेकिन इस बार लॉ ग्रेजुएट की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। किसी भी विषय में स्नातक पास ईओ और सचिव के 19 पदों के लिए आवेदन कर सकता है।