डेपुटेशन पर तैनात शिक्षकों पर गिरेगी गाज, विभाग ने लिया ये फैसला
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों और निदेशक-उपनिदेशक कार्यालयों में डेपुटेशन पर नियुक्त शिक्षकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। सैकड़ों शिक्षक अपने स्थायी स्कूल की जगह शहरों के आसपास डेपुटेशन पर तैनात हैं।
इन शिक्षकों को कई बार वापस लौटने को कहा गया है, लेकिन राजनीतिक पहुंच के चलते यह शिक्षक पुरानी जगहों पर ही टिके हुए हैं। अब शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
सोमवार को सचिवालय में शिक्षा सचिव ने दोनों शिक्षा निदेशकों के साथ इस मामले को लेकर विस्तार से चर्चा की। शिक्षा सचिव ने मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षा निदेशालयों को डेपुटेशन पर लगे शिक्षकों की सूची बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा विभाग ने इसलिए लिया फैसला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जगह निदेशालय, उप निदेशक कार्यालयों और शहरों में स्थित स्कूलों में डेपुटेशन पर तैनात शिक्षकों को स्कूलों में वापस भेजा जाएगा। शिक्षकों की कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है।
डेपुटेशन पर नियुक्त शिक्षकों को वापस स्कूलों में भेजा जाएगा। वर्तमान में राजधानी स्थित उच्च, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय और समग्र शिक्षा अभियान के तहत तीस से अधिक शिक्षक डेपुटेशन पर नियुक्त है।
जिलों में स्थित उपनिदेशक कार्यालयों में 70 से ज्यादा शिक्षक डेपुटेशन पर हैं। राजनीति और अफसरशाही में ऊंची पहुंच रखने वाले कई शिक्षकों ने स्कूलों में जाने की जगह खुद को निदेशालय और उपनिदेशक कार्यालयों में ऐडजस्ट करवाया हुआ है।