खराब रिजल्ट पर सैकड़ों शिक्षकों को समन, देना पड़ेगा जवाब
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दसवीं और जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं में खराब परिणाम आने पर अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर गाज गिरना शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग विषयवार 20 फीसदी से कम नतीजे वाले सूबे के सैकड़ों शिक्षकों को व्यक्तिगत समन जारी करने जा रहा है।
इन शिक्षकों को शिमला तलब कर खराब परिणाम की वजह पूछी जाएगी। इसके बाद इन पर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद वीरवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने शिक्षा विभाग के अफसरों की बैठक ली।
फैसला लिया गया कि विषयवार अध्यापकों को पर्सनल समन भेजे जाएंगे। व्यक्तिगत तौर पर शिक्षकों को खराब रिजल्ट की वजह बतानी होगी। सरकारी स्कूलों के बच्चे क्यों पिछड़ रहे हैं, इसका जवाब भी देना होगा। पर्सनल समन के तहत शिक्षकों को सचिवालय बुलाया जाएगा।
मेरिट में कम बच्चे आने पर सीएम ने लिया था संज्ञान
स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के कम बच्चों के मेरिट में आने और कई स्कूलों का रिजल्ट शून्य रहने पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया है। बीते बुधवार को मुख्यमंत्री ने परीक्षा परिणामों की समीक्षा करने की बात कही थी।
इसी कड़ी में वीरवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग के अफसरों की उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, आशीष कोहली, डॉ. बीएल बिंटा और डॉ. अमरदेव मौजूद रहे।
बैठक में फैसला लिया गया कि प्रिंसिपलों के बाद अब पहली बार सब्जेक्ट टीचरों को भी नोटिस जारी किए जाएंगे। पर्सनल समन के तहत शिक्षकों को सचिवालय बुलाकर व्यक्तिगत तौर पर कम परिणाम आने के कारणों को बताना होगा। एसीएस ने बताया कि खराब रिजल्ट देने वाले स्कूलों में औचक निरीक्षण के लिए जल्द टीमें गठित की जाएंगी।
26 मई को शिक्षा विभाग की क्लास लेंगे मुख्यमंत्री
दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम की मेरिट में सिर्फ दो स्थान प्राप्त करने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे शिक्षा विभाग के अफसरों की 26 मई को मुख्यमंत्री क्लास लेंगे। शिमला स्थित होटल पीटरहॉफ में शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है।
इसमें सभी जिला उपनिदेशकों सहित 343 कलस्टर स्कूलों के प्रिंसिपलों को बुलाया गया है। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। प्रदर्र्शनी के माध्यम से शिक्षा विभाग की योजनाओं से भी अवगत करवाया जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने बताया कि शिक्षा विभाग के समक्ष चुनौतियों और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने को बैठक में चर्चा की जाएगी। सभी प्रिंसिपलों और उपनिदेशकों से छात्रों, शिक्षकों की संख्या, रिजल्ट की प्रतिशतता, स्कूलों में दी जा रही सुविधाओं सहित स्थानीय स्तर पर पेश आ रही मुश्किलों का ब्योरा भी साथ लेकर आने को कहा गया है।
पुअर रिजल्ट पॉलिसी पर अमल नहीं कर रही सरकार
शिक्षा के गिरते स्तर को सुधारने के लिए बनाई गई पुअर रिजल्ट पॉलिसी पर राज्य सरकार सख्ती से अमल नहीं कर रही है। खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों का इन्क्रीमेंट रोकने का प्रावधान फाइलों तक ही सिमट कर रह गया है।
हर साल परिणाम के बाद 25 प्रतिशत से कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों का इन्क्रीमेंट रोकने की सरकार बात कहती है लेकिन सही मायनों में यह आदेश लागू ही नहीं होते।
ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कितनी गंभीर है। उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान का कहना है कि पुअर रिजल्ट पॉलिसी को लागू किया गया है।
विभागीय अधिकारियों को इस पॉलिसी को सख्ती से अमल में लाने के निर्देश दिए जाएंगे। खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों का इन्क्रीमेंट रोका जाएगा। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह से गंभीर है।