एचपीसीए बताए, क्यों नहीं की जा सकती प्रशासक की नियुक्ति
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हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) को रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसाइटीज (आरसीएस) ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। रजिस्ट्रार ने नोटिस में पूछा है कि एसोसिएशन स्पष्ट करे कि वहां प्रशासक की नियुक्ति क्यों नहीं की जा सकती।
एसोसिएशन कंपनी है या फिर सोसाइटी इसको लेकर हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। अप्रैल माह में हाईकोर्ट ने एचपीसीए के आवेदन पर मामला वापस पंजीयक को भेजा कि वे तय करें कि एसोसिएशन सोसाइटी है या फिर कंपनी।
मामले की अगली सुनवाई 21 मई को है, लेकिन तमाम प्रक्रिया को लग रहे समय के चलते आरसीएस अतिरिक्त समय मांग सकती है। गौरतलब है कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने एचपीसीए को वर्ष 2013 में कारण बताओ नोटिस दिया था कि उसने सरकार की अनुमति के बिना खुद को सोसाइटी से कंपनी बना लिया।
इसी नोटिस में प्रशासक नियुक्त करने की बात भी थी।
नोटिस के खिलाफ एचपीसीए हाईकोर्ट गया। 19 सितंबर 2013 को हाईकोर्ट ने कहा था कि रजिस्ट्रार देखें कि एचपीसीए का स्टेटस क्या है। एचपीसीए ने तब इस पर आपत्ति जताई थी। अब सरकार बदलने के बाद पिछले पांच साल का 1.35 करोड़ लीज मनी स्वीकार कर सारी लीज नियमित कर दी।
इसके बाद एचपीसीए ने कोर्ट को अवगत करवाया कि संपत्तियों का विवाद सुलझ गया है तो पहले आरसीएस इस बारे में स्थिति साफ करें। इसके बाद हाईकोर्ट ने पंजीयक को यह मामला देखने को कहा है। आरसीएस डॉ. आरएन बत्ता ने कोर्ट में जवाब दाखिल करने से पहले एचपीसीए को नोटिस भेजा है।