1134 करोड़ के बागवानी प्रोजेक्ट पर हिमाचल सरकार को नोटिस
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1134 करोड़ रुपये के बागवानी प्रोजेक्ट पर विश्व बैंक ने हिमाचल सरकार को नोटिस जारी किया है। विश्व बैंक ने सरकार को एक माह का अल्टीमेटम दिया है और इस प्रोजेक्ट का एक्शन प्लान मांगा है।
सूत्रों के मुताबिक विश्व बैंक ने पूछा है कि प्रोजेक्ट मंजूर किए अरसा हो चुका, लेकिन धरातल पर पैसा क्यों खर्च नहीं हुआ? जवाब नहीं आने तक एक महीने के लिए प्रोजेक्ट स्थगित किए जाने की भी सूचना है।
विश्व बैंक से वित्त पोषित प्रोजेक्ट को वीरभद्र सरकार मेें मंजूरी मिली थी। प्रोजेक्ट लाने मेें पूर्व बागवानी सचिव जेसी शर्मा का योगदान था, मगर कुछ समय पहले ही उन्हें प्रधान सचिव बागवानी के पद से हटा दिया। इससे बागवानों में रोष है।
विश्व बैंक ने इस कारण जारी किया नोटिस
इस प्रोेजेक्ट के तहत मंगवाए विदेशी पौधों के वायरसयुक्त होने और खराब होने पर बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह कड़ी आपत्ति जता चुके हैं। मंत्री विदेशी कंसल्टेंसी के लिए भी 100 करोड़ रुपये का प्रावधान करने को बेवजह बता चुके हैं।
सूत्रों ने बताया कि प्रोजेक्ट लागू होने के दो साल मेें इस प्रोजेक्ट के 50 करोड़ खर्च नहीं किए जा सके, जबकि इसके लिए हर साल कुल बजट का पांचवां हिस्सा खर्च करने के निर्देश थे। इस पूरी अव्यवस्था के बीच अब विश्व बैंक ने हिमाचल सरकार को ताजा नोटिस जारी किया है।
प्रधान सचिव बागवानी आरडी धीमान ने विश्व बैंक की ओर से एक माह में एक्शन प्लान देने का नोटिस मिलने की तो पुष्टि की, मगर उन्होंने इस प्रोजेक्ट को महीने भर के लिए अस्थायी तौर पर स्थगित करने से अनभिज्ञता जताई। मंत्री महेंद्र सिंह ने भी ताजा घटनाक्रम से अनभिज्ञता जताई।