शानन पावर प्रोजेक्ट मामले में केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकार को नोटिस
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हिमाचल हाईकोर्ट ने शानन पावर प्रोजेक्ट का स्वामित्व हिमाचल सरकार को सौंपने की मांग को लेकर दायर याचिका में केंद्र सरकार, पंजाब और हरियाणा सरकार समेत पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश एल नारायण स्वामी और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने यह आदेश प्रार्थी लक्ष्मेंद्र सिंह की ओर से दायर याचिका पर दिया। याचिका में बताया गया है कि उक्त परियोजना हिमाचल के जिला मंडी में है, लेकिन 15 अगस्त 1947 से 9 अप्रैल 1965 तक पंजाब ने बिना किसी औचित्य के इस परियोजना पर कब्जा कर लिया। यह हिमाचल के क्षेत्र में है और इसे हिमाचल के पानी से चलाया जा रहा है।
प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 1965 और 1975 में हुए समझौतों के तहत हिमाचल सरकार और इसकी जनता के हितों पर ध्यान नहीं दिया गया। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हिमाचल एक छोटा राज्य है, जिसके पास सीमित आय के स्रोत हैं और उक्त परियोजना की आय प्रति वर्ष 100 करोड़ से अधिक है। यदि उक्त परियोजना हिमाचल सरकार को सौंप दी जाती है तो प्रदेश की आम जनता के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। याचिकाकर्ता ने प्रतिवादियों को मंडी शहर की आम जनता को मुफ्त बिजली प्रदान करने और उक्त परियोजना की पूरी आय का भुगतान प्रदेश सरकार को करने के लिए निर्देशित करने की मांग की है।