अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ: प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी बोले- 28 नहीं, 31 फीसदी डीए चाहिए
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी ठाकुर ने कहा है कि उन्हें नए वेतनमान के साथ 28 नहीं, 31 फीसदी डीए चाहिए। उन्होंने इस मसले को कई अधिकारियों के समक्ष रखा है। अश्वनी ठाकुर ने कहा कि उन्हें 28 फीसदी डीए जारी करने की सूचना मिली है, लेकिन यह 31 फीसदी ही मिलना चाहिए।
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प्रदेश सरकार ने जेसीसी बैठक के मिनट्स जारी कर दिए है। वहीं, हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी ठाकुर ने कहा है कि उन्हें नए वेतनमान के साथ 28 नहीं, 31 फीसदी डीए चाहिए। उन्होंने इस मसले को कई अधिकारियों के समक्ष रखा है। अश्वनी ठाकुर ने कहा कि उन्हें 28 फीसदी डीए जारी करने की सूचना मिली है, लेकिन यह 31 फीसदी ही मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले को मंगलवार को भी अधिकारियों के समक्ष उठाया है। आईएएस और अन्य भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को भी इसे 31 प्रतिशत जारी किया गया है। इसी से कर्मचारी नाराज हैं। इस बारे में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी 28 फीसदी डीए देने पर विचार करने की बात की है तो अब महासंघ इसे 31 फीसदी ही जारी करने का दबाव बना रहा है। कैबिनेट में भी इस संबंध में चर्चा हुई है। अब कर्मचारी अधिसूचना का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में सरकार इस बारे में अधिसूचना जारी करने से पहले पुनर्विचार भी कर सकती है। इससे पूर्व कर्मचारियों के लिए छह फीसदी डीए देने की अधिसूचना जारी हुई है। कर्मचारी इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
जारी रहेगी करुणामूलक संघ की क्रमिक भूख हड़ताल
उधर, करुणामूलक संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज से मुलाकात की। इस दौरान संघ के अध्यक्ष अजय कुमार ने मंत्री से गुजारिश की कि जिस तरह कैबिनेट में क्लास 4 के लिए निर्णय लिया है, उसी तरह आगामी कैबिनेट में क्लास 3 के लिए भी कोई निर्णय लिया जाए। कुमार ने कहा कि क्लास तीन के लिए फैसला होने तक संघ की क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। क्लास सी के हित में भी कैबिनेट का फैसला आने के बाद करुणामूलक आश्रित धन्यवाद रैली के माध्यम से सरकार का धन्यवाद करेंगे। अजय कुमार ने यह भी कहा कि अगर सरकार या प्रशासन करुणामूलक आश्रितों को उठाने के लिए जबरदस्ती करेगा तो यह संघ चुप नहीं बैठेगा और परिवारों सहित आमरण पर बैठ जाएगा। समस्त विभागों, बोर्डों, निगमों में लंबित पड़े करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नौकरियों में क्लास सी के केसों को आगामी कैबिनेट में लाया जाए व उनको वन टाइम सेटलमेंट के तहत एक साथ नियुक्तियां दी जाएं।