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हिमाचल में पर्यटन उद्योग लगाने को गैर कृषक खरीद सकेंगे जमीन

Sat, 26 Oct 2019 11:55 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 26 Oct 2019 11:55 AM IST
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Non farmers can purchase land for setting up tourism industry in Himachal Pradesh
- फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में पर्यटन उद्योग लगाने को अब गैर कृषक भी जमीन खरीद सकेंगे। जयराम सरकार ने प्रदेश काश्तकारी एवं भू सुधार नियमों में संशोधन कर दिया है। शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में संशोधन को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भू सुधार नियमों के नियम 38(ए)3(एफ) के प्रावधानों के तहत प्रदेश में पर्यटन उद्योग स्थापित करने के इच्छुक गैर कृषकों को राज्य में भूमि खरीदने के उद्देेश्य से अनिवार्यता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए पर्यटन विभाग के संशोधित मापदंडों को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

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इच्छुक निवेशक को अपनी पर्यटन परियोजना की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट पर्यटन विभाग के निदेशक को सौंपनी होगी, जिसके लिए वह अनिवार्यता प्रमाण पत्र चाहता है। विभागीय निदेशक संबंधित पर्यटन परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का आकलन करेंगे। इस संशोधन से निवेशकों को धारा 118 के तहत जमीन खरीदने में आसानी होगी। दो बार अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लेने पड़ेंगे। 
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राज्य सरकार ने इन्वेस्टर मीट में 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने गैर कृषकों को जमीन खरीदने की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए नियम 38(ए)3(एफ) में संशोधन किया है। इससे पहले गैर कृषक को यह बताना पड़ता था कि उसे अपने प्रोजेक्ट के लिए कितनी जमीन लेनी है। संशोधन होने के बाद अब पहले गैर कृषक को अनिवार्यता प्रमाण पत्र ही देना होगा।
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जमीन गैर कृषक के नाम होने के बाद विभिन्न विभागों खासकर बिजली, आईपीएच, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे अनापत्ति प्रमाणपत्र आदि लेने होंगे जबकि एनओसी लेने की यह प्रक्रिया पहले और बाद में पूरी करनी पड़ती थी। इससे अनावश्यक देरी होती थी और प्रोजेक्टों तैयार होने में दो से तीन साल तक विलंब होता था। इस संशोधन के बाद से प्रोजेक्टों समय पर पूरे हो सकेंगे।

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