चुनाव हारे भाजपा नेता नहीं बन पाएंगे मनोनीत पार्षद, सीएम ने रोकी फाइल
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प्रदेश के नगर निकायों में चुनाव हार चुके भाजपा नेता अब मनोनीत पार्षद नहीं बन सकेंगे। संगठन की ओर से प्रदेश सरकार को भेजी गई लिस्ट में कई नाम ऐसे हैं, जो निकायों के चुनाव हार चुके हैं। लिहाजा, मुख्यमंत्री कार्यालय ने शहरी विकास विभाग के एक्ट के मुताबिक चुनाव हार चुके नेता को मनोनीत पार्षद नहीं बनाने का हवाला देकर फाइल रोक दी है।
अब इसमें विधि विभाग की राय ली जा रही है। रामपुर निकाय को लेकर भी इस तरह का मामला सामने आया था। इसे भी सरकार ने एक्ट का हवाला देते हुए रद्द किया था। हिमाचल के कुल 54 शहरी निकायों में से 16 शहरी निकायों में मनोनीत पार्षदों की तैनाती की जानी है। इसमें नगर निगम शिमला भी शामिल है।
सरकार पर डाल रहे दबाव
भाजपा सरकार ने संगठन से शहरी निकायों में मनोनीत पार्षद बनाने की लिस्ट मांगी थी। इसमें निकायों से 7 से 10 लोगों की सूची शामिल की गई थी। जब इनकी छंटनी की जा रही थी तो कई भाजपा नेता जो चुनाव हारे थे, वे बाहर हो रहे थे।
पार्टी की ओर से सरकार पर चुनाव हारे हुए नेताओं को मनोनीत पार्षद बनाने का दबाव बनाया जा रहा था लेकिन सरकार ने इस पर आपत्ति जताई है। अब इसमें विधि विभाग की सलाह ली जा रही है।
भाजपा नेता लगातार मनोनीत पार्षद बनाने के लिए सरकार पर दबाव डालने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। मंत्रियों से लेकर संगठन के नेताओं से सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।