नया कानून लागू, डॉक्टरों से झगड़े पर अब सीधे होगी जेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में अस्पतालों में हिंसा और डॉक्टरों से मारपीट पर अब सीधे जेल होगी। राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रदेश में नया कानून लागू कर दिया गया है। संशोधित मेडिपर्सन एक्ट में स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों से झगड़ा करने या हिंसा को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
दोषी पाए जाने पर तीन साल तक जेल हो सकती है। नए कानून का दुरुपयोग न हो, इसके लिए पुलिस को अस्पताल प्रमुख के माध्यम से ही शिकायत करने का प्रावधान किया गया है। कोई भी डॉक्टर सीधे शिकायत नहीं कर सकता।
बजट सत्र में हिमाचल का संशोधित मेडिपर्सन बिल पारित किया गया था। हिमाचल प्रदेश चिकित्सीय सेवा व्यक्ति और चिकित्सीय सेवा संस्था (हिंसा और संपत्ति के नुकसान का निवारण) संशोधन विधेयक 2017 ने राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब कानून का रूप ले लिया है।
विधेयक का हो चुका है विरोध
इससे पहले वर्ष 2009 के अधिनियम में चिकित्सकीय सेवा व्यक्ति के खिलाफ हिंसा करने या किसी चिकित्सकीय सेवा संस्था की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के दोषी को एक साल कैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान था। पहले यह जमानती अपराध था।
हिमाचल विधानसभा में विधेयक के पारित होने के बाद कुछ लोगों और कुछ संस्थाओं की ओर से इसका विरोध किया जा चुका है।
विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि अस्पतालों मेें मरीज प्रथम व्यक्ति होना चाहिए न कि डॉक्टर। डॉक्टरों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए, मगर कानून में आम मरीज और उनके तीमारदारों के हित की बात भी होनी चाहिए।