हिमाचल में पुलिस भर्ती में नकल से नहीं लिया सबक, ऐसे होगी पटवारी परीक्षा
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पुलिस भर्ती में हाईटेक नकल के बाद फजीहत झेल चुकी सरकार इससे कोई सबक नहीं लेना चाहती। 17 नवंबर को होने वाली पटवारी भर्ती की लिखित परीक्षा बिना जैमर के करवाई जा रही है। पटवारी के 1194 पदों को भरने के लिए यह परीक्षा ली जानी है। इसके लिए प्रदेश भर में 1193 केंद्र स्थापित किए गए हैं। विभाग का तर्क है कि तीन लाख से ज्यादा परीक्षार्थी और इतनी अधिक संख्या में परीक्षा केंद्र होने के कारण जैमर की व्यवस्था नहीं की जा सकती है। जिला प्रशासन अपने स्तर पर नकल रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएगा। विभाग के इस तर्क से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल और दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने का खुलासा हुआ था।
पुलिस ने इस मामले में दो दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। मुख्य अभियुक्त अभी तक फरार है। इस परीक्षा के विफल होने के बाद सरकार ने फैसला लिया कि बड़ी परीक्षाओं में जैमर का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि हाईटेक नकल की संभावना को रोका जा सके। इसके बाद पटवारी के 1194 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इन पदों के लिए 17 नवंबर को प्रदेशभर में परीक्षा होनी है लेकिन इस परीक्षा को बिना जैमर के ही कराने की तैयारी है। खास बात यह है कि जिस पुलिस भर्ती में पुलिस कर्मी ही परीक्षा कराते है और वहां भी नकल की पूरी कोशिश की गई। ऐसे में पुलिस के बिना होने वाली इस परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए राजस्व विभाग ने कोई कदम नहीं उठाए हैं।
जांच में मिले थे अन्य परीक्षाओं में नकल के संकेत
निदेशक भूमि रिकॉर्ड देवा सिंह नेगी ने कहा कि तीन लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों के लिए 1193 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जैमर तो नहीं लगाए जा रहे हैं। सेंटर और परीक्षार्थियों की संख्या काफी ज्यादा है। जिला स्तर पर होने वाली परीक्षा में जिला प्रशासन नकल रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
पुलिस भर्ती में हुई नकल की जांच के दौरान पुलिस को इस बात के संकेत मिले थे कि अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी नकल हुई है। मामले में अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। ऐसे में पुलिस ने अन्य परीक्षाओं को लेकर न तो कोई आधिकारिक खुलासा किया और न ही कोई जानकारी दी। सरकार को गृह विभाग के जरिये यह बात जरूर कही गई कि अन्य परीक्षाओं में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।