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कोरोना से हिमाचल में एक बार फिर धार्मिक यात्राओं पर संकट
Mon, 31 May 2021 11:07 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, आनी/चंबा/रिकांगपिओ
अमर उजाला नेटवर्क, आनी/चंबा/रिकांगपिओ
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 31 May 2021 11:07 AM IST
सार
हर साल 15 से 31 जुलाई तक जिला प्रशासन की देखरेख में श्रीखंड महादेव यात्रा का संचालन होता है। उपायुक्त कुल्लू डा ऋचा वर्मा ने कहा कि श्रीखंड यात्रा पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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श्रीखंड यात्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वैश्विक महामारी कोरोना के चलते हिमाचल प्रदेश में लगातार दूसरे साल भी धार्मिक यात्राओं पर संकट छा गया है। इस बार पवित्र श्रीखंड महादेव, मणिमहेश और किन्नर कैलाश यात्रा होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। यात्रा के दौरान इन पवित्र स्थलों में लाखों श्रद्धालु जुटते थे। स्थानीय लोगों का भी अच्छा-खासा कारोबार होता था।
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कोरोना के चलते लगातार दूसरे साल मंदिर, मस्जिद, गिरिजाघर और गुरुद्वारे श्रद्धालुओं के लिए बंद हैं। विश्वविख्यात अमरनाथ यात्रा स्थगित हो चुकी है। एक जुलाई से इस यात्रा की शुरुआत होनी थी। किन्नर कैलाश जाने वाले यात्री भी सरकार के आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश की ऐतिहासिक एवं धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव यात्रा पर इस वर्ष भी कोरोना के चलते संकट के बादल हैं। हर साल 15 से 31 जुलाई तक जिला प्रशासन की देखरेख में श्रीखंड महादेव यात्रा होती है। उपायुक्त कुल्लू डॉ. ऋचा वर्मा ने कहा कि श्रीखंड यात्रा पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। अगर कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते रहे तो श्रीखंड यात्रा नहीं होगी। एसडीएम आनी चेत सिंह के अनुसार इस बार भी यात्रा होने की संभावनाएं कम हैं।
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उधर, पवित्र मणिमहेश यात्रा पर भी असमंजस है। उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने कहा कि जून-जुलाई में होने वाले मिंजर मेले और मणिमहेश यात्रा को लेकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। एक से 20 अगस्त तक चलने वाली किन्नर कैलाश यात्रा पर भी संकट के बादल हैं।
सिरमौर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार की यात्रा पहले से ही प्रतिबंधित है। हालांकि, 15 अप्रैल को मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं। श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध है। चूड़धार में खाने-पीने व ठहरने की भी फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है।
मंडी जिले में 13-14 जून को नाचन और द्रंग क्षेत्रों में होने वाले सरानौहली (बकरयाले रा साजा) मेले का आयोजन स्थगित हो गया है। 10 जुलाई को नाचन के सरोआ धार स्थित माता जालपा और माता हाटेश्वरी मंदिर हटगढ़ में लगने वाला मेला भी कोरोना की भेंट चढ़ गए हैं। सोलन के राज्यस्तरीय शूलिनी मेले पर संकट छाया है।