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Chamba News: हाईवे पर खतरा बन झूल रहे बिजली के तार
Wed, 26 Aug 2026 10:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 26 Aug 2026 10:46 AM IST
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हाईवे पर झूलती बिजली तारें। संवाद।
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चंबा। पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे पर मुगला बाजार के समीप सड़क के ऊपर कम ऊंचाई पर लटक रहे बिजली के तार हादसे का खतरा बढ़ा रहे हैं। हाईवे से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
ऐसे में किसी ऊंचे मालवाहक वाहन के तारों की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान तार और नीचे पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार हाईवे के इस हिस्से में कई जगह बिजली के तार सड़क के काफी करीब हैं। खासकर ऊंचे मालवाहक वाहनों के लिए यहां हर समय खतरा बना रहता है। इस मार्ग से स्कूली बच्चों की भी आवाजाही रहती है। ऐसे में स्कूल समय के दौरान कोई हादसा होने पर गंभीर नुकसान हो सकता है।
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करीब एक सप्ताह पहले भी देर रात एक भारी वाहन की चपेट में आने से दो तार टूट गए थे। इससे करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। साथ ही स्थानीय लोगों के बिजली उपकरण भी खराब हो गए। दुकानदारों का कहना है कि तार टूटने के बाद उन्हें जोड़ दिया जाता है, लेकिन उनकी ऊंचाई बढ़ाने का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
उधर, बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राजीव ठाकुर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में लाया गया है। यहां तारों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए निरीक्षण किया जाएगा।
तार लंबे समय से कम ऊंचाई पर हैं। कई बार बड़े वाहन इन तारों के नीचे से गुजरते हैं, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। शम्मी कुमार, स्थानीय दुकानदार
समस्या केवल तार टूटने तक सीमित नहीं है। तार टूटने के बाद उन्हें जोड़ दिया जाता है लेकिन उनकी ऊंचाई और व्यवस्था को लेकर स्थायी समाधान नहीं किया जाता। रमेश कुमार, स्थानीय दुकानदार
हाईवे पर रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है। यदि किसी वाहन का संपर्क बिजली के तार से हो गया तो वाहन चालक के साथ-साथ आसपास के लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। राज कुमार, स्थानीय दुकानदार
करीब एक सप्ताह पहले भी देर रात भारी वाहन की चपेट में आने से दो तार टूट गए थे। इससे करीब 10 घंटे तक बिजली बंद रही। साथ ही स्थानीय लोगों के बिजली उपकरण भी खराब हुए। मेहूल महाजन, स्थानीय दुकानदार
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ऐसे में किसी ऊंचे मालवाहक वाहन के तारों की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान तार और नीचे पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
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स्थानीय दुकानदारों के अनुसार हाईवे के इस हिस्से में कई जगह बिजली के तार सड़क के काफी करीब हैं। खासकर ऊंचे मालवाहक वाहनों के लिए यहां हर समय खतरा बना रहता है। इस मार्ग से स्कूली बच्चों की भी आवाजाही रहती है। ऐसे में स्कूल समय के दौरान कोई हादसा होने पर गंभीर नुकसान हो सकता है।
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करीब एक सप्ताह पहले भी देर रात एक भारी वाहन की चपेट में आने से दो तार टूट गए थे। इससे करीब 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। साथ ही स्थानीय लोगों के बिजली उपकरण भी खराब हो गए। दुकानदारों का कहना है कि तार टूटने के बाद उन्हें जोड़ दिया जाता है, लेकिन उनकी ऊंचाई बढ़ाने का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
उधर, बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता राजीव ठाकुर ने बताया कि मामला उनके ध्यान में लाया गया है। यहां तारों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए निरीक्षण किया जाएगा।
तार लंबे समय से कम ऊंचाई पर हैं। कई बार बड़े वाहन इन तारों के नीचे से गुजरते हैं, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। शम्मी कुमार, स्थानीय दुकानदार
समस्या केवल तार टूटने तक सीमित नहीं है। तार टूटने के बाद उन्हें जोड़ दिया जाता है लेकिन उनकी ऊंचाई और व्यवस्था को लेकर स्थायी समाधान नहीं किया जाता। रमेश कुमार, स्थानीय दुकानदार
हाईवे पर रोजाना भारी वाहनों की आवाजाही होती है। यदि किसी वाहन का संपर्क बिजली के तार से हो गया तो वाहन चालक के साथ-साथ आसपास के लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। राज कुमार, स्थानीय दुकानदार
करीब एक सप्ताह पहले भी देर रात भारी वाहन की चपेट में आने से दो तार टूट गए थे। इससे करीब 10 घंटे तक बिजली बंद रही। साथ ही स्थानीय लोगों के बिजली उपकरण भी खराब हुए। मेहूल महाजन, स्थानीय दुकानदार