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नेत्रहीन आसानी से निपटा सकेंगे रोजमर्रा के कामकाज
Thu, 25 Mar 2021 12:09 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 25 Mar 2021 12:09 PM IST
सार
- एनआईटी हमीरपुर के विद्यार्थियों ने किया दृष्टि नाम के उपकरण का आविष्कार
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टीम में उत्कर्ष चौरसिया, ऋषभ धेंकावत, अदिति कटोच, मोहम्मद नोमान, नवदीप सिंह राठौर, सीताराम राठी और ऋषभ वर्मा शामिल रहे।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अब नेत्रहीन व्यक्ति भी आम लोगों की तरह अपने रोजमर्रा के कामकाज निपटा सकेंगे। एनआईटी हमीरपुर के कंप्यूटर साइंस विभाग के विद्यार्थियों ने एक नए उपकरण का आविष्कार किया है। एनआईटी की छह सदस्यीय टीम ने प्रतिष्ठित स्मार्ट इंडिया हेकाथॉन हार्डवेयर एडिशन-2020 अवार्ड हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग करते हुए उन्होंने नेत्रहीन दिव्यांगों के लिए दृष्टि नामक एक उपकरण (दूसरा नेत्र) का आविष्कार किया है।
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इस प्रतियोगिता में टीम को एक लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि भी मिली है। टीम में उत्कर्ष चौरसिया, ऋषभ धेंकावत, अदिति कटोच, मोहम्मद नोमान, नवदीप सिंह राठौर, सीताराम राठी और ऋषभ वर्मा शामिल रहे। यह विश्व प्रसिद्ध नवोन्मेष (इनोवेशन) प्रतियोगिता हर साल मानव संसाधन विकास मंत्रालय के माध्यम से होती है। यह राष्ट्रीय स्तर का मंच है, जिसमें विद्यार्थियों को रोजमर्रा की समस्याओं से निपटने के लिए नए-नए आविष्कार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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इस प्रतियोगिता में देश के 65 विभिन्न क्षेत्रों के पांच लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने जिस उपकरण का आविष्कार किया है, उसे दृष्टि नाम दिया गया है। गूगल नेविगेशन असिस्टेंट का प्रयोग करते हुए दिव्यांग व्यक्ति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिये अपने रोजमर्रा के कार्य निपटा सकता है। इस प्रोजेक्ट को पूरा होने में दो साल लगे और सात हजार रुपये खर्च हुए।
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इस दौरान प्रोजेक्ट टीम ने टांडा मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. आशीष शर्मा से भी सहायता ली। एनआईटी हमीरपुर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने विद्यार्थियों को इस उपकरण को तैयार करने में काफी मदद की। एनआईटी हमीरपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने पूरी टीम को इस प्रोजेक्ट के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बेहतर कदम साबित होगा।