NIRF: एनआईटी 127वें, नौणी विवि को 17वां रैंक, एचपीयू टॉप-200 की सूची से बाहर
शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को देशभर के उम्दा इंजीनियरिंग संस्थानों की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की सूची जारी की है। पहले पायदान पर आईआईटी मद्रास, दूसरे पायदान पर आईआईटी दिल्ली और तीसरे पायदान पर आईआईटी मुंबई रहा है।
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भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को देशभर के उम्दा इंजीनियरिंग संस्थानों की राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की सूची जारी की है। पहले पायदान पर आईआईटी मद्रास, दूसरे पायदान पर आईआईटी दिल्ली और तीसरे पायदान पर आईआईटी मुंबई रहा है। जबकि एनआईटी हमीरपुर के रैंक में पिछले वर्ष की तुलना में एक रैंक का सुधार हुआ है। वर्ष 2022 में एनआईटी हमीरपुर का देशभर में 128वां रैंक था, लेकिन इस बार एनआईआरएफ रैंकिंग 127 है। जोकि संस्थान के लिए अच्छे संकेत हैं।
हालांकि एनआईटी की यह रैंकिंग उम्मीदों के अनुरूप बहुत अच्छी नहीं है। वर्ष 2016 में एनआईटी हमीरपुर का देशभर में 51वां रैंक था। लेकिन एनआईटी हमीरपुर में दो साल पहले के कारनामों के कारण देशभर में छवि खराब हुई। यहां बर्खास्त निदेशक प्रो. विनोद कुमार यादव के समय असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्तियों में गड़बड़ी हुई हुई थी। जिस पर शिक्षा मंत्रालय की ओर से लंबी जांच प्रक्रिया अमल में लाई गई थी। अभी हाल ही में एनआईटी में देर रात को दो छात्र गुटों में ईंट, पत्थर और लोहे की रॉड से हमले का मामला सामने आया था। वहीं पूर्व के रजिस्ट्रार के साथ जूनियर शिक्षक के द्वारा की गई बदसलूकी के कारण भी संस्थान की छवि धूमिल हुई।
उधर, एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो एचएम सूर्यवंशी ने कहा कि एनआईटी हमीरपुर की रैंकिंग में एक रैंक का सुधार हुआ है। हालांकि इस बार 100 के बाद की रैंकिंग को अंकों के बजाय संस्थान के अल्फावेटिकली दर्शाया गया है, जिसके चलते रैंक में और अधिक सुधार की उम्मीद है।
ये हैं पैरामीटर
एनआईआरएफ रैंकिंग के दौरान संस्थान में शिक्षण, सीखना और संसाधन (टीएलआर), डॉक्टरेट छात्रों (एसएस) सहित छात्र संख्या, स्थायी संकाय (एफएसआर) पर जोर देने के साथ संकाय-छात्र अनुपात, पीएचडी (या समकक्ष) और अनुभव के साथ फैकल्टी के लिए संयुक्त मीट्रिक, वित्तीय संसाधन और उनका उपयोग, अनुसंधान और व्यावसायिक अभ्यास (आरपी), प्रकाशनों के लिए संयुक्त मीट्रिक (पीयू), प्रकाशनों की गुणवत्ता के लिए संयुक्त मीट्रिक, आईपीआर और पेटेंट प्रकाशित और स्वीकृत (आईपीआर), परियोजनाओं के पदचिह्न और व्यावसायिक अभ्यास (एफपीपीपी), स्नातक परिणाम (जीओ), विश्वविद्यालय परीक्षाओं के लिए मीट्रिक, पीएचडी की संख्या के लिए मीट्रिक। छात्र स्नातक, आउटरीच और समावेशिता, अन्य राज्यों, देशों से छात्रों का प्रतिशत (क्षेत्र विविधता आरडी), महिलाओं का प्रतिशत (महिला विविधता डब्ल्यूडी), आर्थिक और सामाजिक रूप से विकलांग छात्र, शारीरिक रूप से विकलांग छात्रों के लिए सुविधाएं (पीसीएस), धारणा (पीआर) रैंकिंग, सहकर्मी धारणा, अकादमिक साथियों और नियोक्ता (पीआर) आदि जांचे जाते हैं।
नौणी विवि ने पांच पायदान सुधारी रैंकिंग, इस बार 17वें स्थान आया
नौणी विवि ने देश में कृषि, औद्यानिकी विश्वविद्यालयों और संस्थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग में पांच स्थान का सुधार कर 17वां स्थान हासिल किया है। विवि ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2023 रैंकिंग में 17वां स्थान पाया है। विश्वविद्यालय ने एनआईआरएफ की कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की नव निर्मित श्रेणी में यह स्थान हासिल किया है। इस वर्ष 152 विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और तीन केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों, विश्वविद्यालयों ने कृषि और संबद्ध श्रेणी में भाग लिया। इससे पहले पिछले कुछ सालों से कृषि विवि को एनआईआरएफ रैंकिंग में रैंक नहीं किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त नौणी विवि ने देश के विश्वविद्यालयों की 101-151 स्थानों वाली श्रेणी में भी स्थान हासिल किया था। कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए रैंकिंग बहुत उत्साहजनक है। पिछले साल की आईसीएआर की कृषि संस्थानों की रैंकिंग में 22वें रैंक में पांच स्थान का सुधार किया और 17वां स्थान हासिल किया है।
साल 2020 के बाद टॉप-200 से बाहर चल रहा एचपीयू
2023 के सर्वे में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय का इस बार भी प्रदर्शन खराब रहा। विवि इस बार भी पहले दो सौ विश्वविद्यालयों में भी जगह नही बना पाया है। 2020 से लेकर विवि का प्रदर्शन लगातार खराब रहा है। 2020 में हुए सर्वे में विवि का 169 रैंक था। 2021 में एचपीयू टॉप 200 की लिस्ट से बाहर हुआ। 2022 में भी यूजीसी नेक से पुनः ए ग्रेड पाने में सफल रहा। हिमाचल प्रदेश विवि एनआईआरएफ की राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में 200 से बाहर रहा। विश्वविद्यालय के लगातार खराब प्रदर्शन के लिए प्रशासनिक, व्यवस्थागत और अन्य हर तरह की खामियों पर विवि प्रशासन को गंभीरता से विचार कर इसे दूर करने को कदम उठाने होंगे।
कृषि विवि पालमपुरः 10वें से 8वें रैंक पर पहुंचा
बेहतर कार्यों के लिए प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय ने देश भर में 8वां स्थान प्राप्त किया है। जबकि राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से देश के सभी कृषि और संबंधित क्षेत्रों के संस्थानों में कृषि विश्वविद्यालय को 14वां स्थान दिया गया है। विवि ने एक साल में दो अंक हासिल कर दसवें से अब आठवां स्थान हासिल किया है। कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने इस शानदार उपलब्धि के लिए कर्मियों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय नवंबर 1978 में विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद पहली बार सभी शिक्षण और गैर शिक्षण कर्मचारियों के समर्पित और सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने उनसे नए जोश और उत्साह के साथ किसानों की सेवा करने के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का आह्वान किया।