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तैयारियों में जुटा स्वास्थ्य विभाग: टांडा मेडिकल कॉलेज में स्थापित होंगी नौ डायलिसिस मशीनें
Wed, 23 Mar 2022 11:43 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 23 Mar 2022 11:43 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में अभी इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में डायलिसिस की सुविधा है। अब टांडा मेडिकल कॉलेज दूसरा अस्पताल होगा, जहां यह चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। मशीनें स्थापित किए जाने से आईजीएमसी में मरीजों का कम भार पड़ेगा।
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज (टांडा) में अब एक साथ नौ किडनी मरीजों का उपचार हो सकेगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस की मशीनों को स्थापित किया जा रहा है। एक अप्रैल से यह चिकित्सा सेवा शुरू की जानी प्रस्तावित है। हिमाचल प्रदेश में अभी इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में डायलिसिस की सुविधा है। अब टांडा मेडिकल कॉलेज दूसरा अस्पताल होगा, जहां यह चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। मशीनें स्थापित किए जाने से आईजीएमसी में मरीजों का कम भार पड़ेगा।
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प्रदेश सरकार अन्य 4 मेडिकल कॉलेजों नैरचौक, नाहन, चंबा और हमीरपुर में भी मशीनों को स्थापित करने की योजना तैयार कर रही है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि अभी किडनी मरीजों का डायलिसिस आईजीएमसी में हो रहा है। इस अस्पताल में कई बार भीड़ होने से मरीजों के डायलिसिस करने में समय लग जाता है। प्रदेश के मैदानी इलाकों के मरीजों को उपचार के लिए या तो शिमला आना पड़ता है या फिर लोग पीजीआई व एम्स जाते हैं। टांडा मेें यह सुविधा उपलब्ध होने से लोगों को राहत मिल सकेगी।
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क्या है डायलिसिस
जब किसी व्यक्ति की किडनी ठीक ढंग से काम करना बंद कर देती है तो इसे वापस काम में लाने के लिए डायलिसिस किया जाता है। एक स्वस्थ किडनी ही शरीर से सारे खराब तत्वों को फिल्टर करके बाहर निकालती है।
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