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Shimla News: कुफरी में पर्यावरण मानकों का पालन नहीं करने पर एनजीटी सख्त, वन विभाग अफसरों को नोटिस जारी
Thu, 05 Oct 2023 10:27 AM IST
Krishan Singh
पुष्पेंद्र वर्मा, शिमला
पुष्पेंद्र वर्मा, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 05 Oct 2023 10:27 AM IST
सार
एनजीटी ने उपचारात्मक कदम उठाने में नाकाम रहे डीएफओ शिमला और प्रधान मुख्य वन संरक्षक को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
- फोटो : ngt
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विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पर्यटन स्थल कुफरी में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर कड़ा संज्ञान लिया है। एनजीटी ने उपचारात्मक कदम उठाने में नाकाम रहे डीएफओ शिमला और प्रधान मुख्य वन संरक्षक को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। ट्रिब्यूनल ने कहा कि दिल्ली के अधिवक्ता ने एनजीटी को कुफरी में सफाई व्यवस्था न होने के बारे में पत्र से अवगत करवाया था। पत्र पर संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने 13 मार्च, 2023 को संयुक्त कमेटी का गठन कर रिपोर्ट तलब की थी।
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कमेटी ने रिपोर्ट से अदालत को बताया था कि कुफरी में पर्यावरण नियमों के कई उल्लंघन हुए हैं। प्राकृतिक और वनस्पति क्षरण से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। छोटे से क्षेत्र में क्षमता से अधिक एक हजार से ज्यादा घोड़े पंजीकृत हैं। इसके अलावा ठोस कचरा प्रबंधन न होने से क्षेत्र में भारी प्रदूषण फैलाया जा रहा है। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने 12 जुलाई, 2023 को डीएफओ शिमला और प्रधान मुख्य वन संरक्षक की सदस्यता वाली कमेटी का गठन किया था।
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ट्रिब्यूनल ने कमेटी को आदेश दिए थे कि प्राकृतिक और वनस्पति क्षरण से पर्यावरण को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए उपचारात्मक कदम उठाए जाएं और रिपोर्ट दायर करें। ट्रिब्यूनल ने पाया कि कमेटी ने कोई भी रिपोर्ट दायर नहीं की है। ट्रिब्यूनल के नाम लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि कि शिमला के साथ लगते प्रसिद्ध पर्यटक स्थल कुफरी में घोड़ो की लीद ने ग्रामीणों की सेहत खतरे में डाल दी है। सफाई व्यवस्था न होने से लोगों में फेफड़े का संक्रमण पैदा होता रहता है। पेट की बीमारियों से भी लोग पीड़ित हैं। घोड़ों की लीद से अमोनिया आक्साइड निकलती है। इस क्षेत्र के पेयजल स्रोतों तक लीद घुलकर पानी को दूषित करती है।
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कुफरी की खस्ताहाल पर हाईकोर्ट ने भी दिए थे आदेश
इससे पहले हाईकोर्ट ने कुफरी की खस्ताहाल पर संज्ञान लिया था। अदालत ने सरकार को रोटरी क्लब शिमला की प्रोजेक्ट रिपोर्ट को लागू करने के आदेश दिए थे। रोटरी क्लब ने कुफरी को जम्मू और कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग, अहरबल और पटनीटॉप की तर्ज पर विकसित करने के बारे मेें विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी। अदालत ने सरकार को आदेश दिए थे कि राज्य के दूसरे पर्यटन स्थलों को भी विकसित करने के बारे में उचित कदम उठाए जाएं।