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दो हफ्ते में कुल्लू-मनाली के सभी होटलों की जांच रिपोर्ट दो: एनजीटी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Thu, 17 May 2018 01:45 PM IST
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली में होटलों का सर्वे कर अगली रिपोर्ट दाखिल करने के लिए राज्य सरकार को दो हफ्तों का समय दिया है। वहीं होटलों की जांच को लेकर गठित कमेटी की ओर से 40 होटलों की सूची बुधवार को एनजीटी में दाखिल की गई। इनमें 14 होटल ऐसे हैं, जिन्होंने सरकारी वन भूमि पर अतिक्रमण किया है। मामले पर अगली सुनवाई 28 मई को होगी।
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जस्टिस आरएस राठौर की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले पर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान पीठ ने सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता से कहा कि आखिर वह सभी होटलों का सर्वे और जांच रिपोर्ट क्यों नहीं दाखिल कर रहे हैं।
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इस पर सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि कुल्लू-मनाली के तहत कंट्री एंड टाउन प्लानिंग विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है। धीरे-धीरे जांच जारी है। 1000 से भी अधिक होटल हैं। एक होटल की जांच करने में कम से कम एक दिन खर्च होता है।
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ऐसे में बड़ी संख्या में होटलों की जांच एक ही दिन संभव नहीं है। विभाग में दो लोगों की हाल ही में मृत्यु भी हो चुकी है। एक अधिकारी की मौत होटल संबंधी जांच और दूसरे के मौत हृदयाघात के कारण हुई है। अगली सुनवाई में 40 और होटलों की सूची ट्रिब्यूनल में दाखिल कर दी जाएगी। वहीं 11 मई को ट्रिब्यूनल के जरिए दिए गए आदेशों के तहत सरकार की ओर से एक लाख रुपए का जुर्माना भी जमा कर दिया गया है।
एनजीटी ने एक समिति गठित कर कुल्लू-मनाली में सभी होटलों की संयुक्त जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया था। पीठ ने कहा था कि पता किया जाए कि कितने होटलों ने अतिक्रमण किया है और कितने होटल बिना अनुमति के चल रहे हैं। यदि होटल अनुमति के साथ चल रहे हैं तो क्या वे सीवेज शोधन प्लांट के साथ जुड़े हैं। इसके बाद पहली रिपोर्ट दाखिल की गई है।