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ब्यास के प्रदूषण पर एनजीटी ने लगाई फटकार, कैफे के मालिक को नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 10 Aug 2016 12:15 PM IST
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में ब्यास नदी किनारे पर निर्माण और ट्रकों के जमावड़े से प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का सख्त रवैया कायम है। (एनजीटी) ने प्राधिकरणों को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रकृति का मजाक बनाना बंद करो।
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एनजीटी ने नाराजगी तब जाहिर की जब ट्रक एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता ने राहत की मांग की। वहीं पीठ ने एक हफ्ते में ट्रक एसोसिएशन से प्रदूषण के संबंध में हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
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जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने गिरधारी लाल के मामले पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि सरकार क्यों नहीं कुल्लू से इन ट्रकों को किसी दूसरी जगह पर पार्किंग के लिए भेजती है।
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यदि प्राधिकरण यह समझते हैं कि सिर्फ उन्हें ही कुल्लू के बारे में जानकारी है तो वे यह गलती न करें। पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा कि नदी को प्रदूषित करना बंद करें। साथ ही नदी किनारे किसी भी तरह की पार्किंग नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एक हफ्ते की मोहलत दी जाती है।
वहीं नदी किनारे बनाए गए होटल देवधाम कैफे के बारे में भी एनजीटी ने सरकार से जवाब मांगा है। बेंच ने पूछा है कि सरकार यह बताए कि ब्यास नदी के किनारे यह कैफे कैसे संचालित हो रहा है। इसके अलावा पीठ ने कैफे के मालिक विजय सेन को भी नोटिस दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।