जश्न से पहले आपस में ही भिड़ गए कर्मचारी नेता
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स्थापना दिवस के आयोजन को लेकर अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के दो गुट भिड़ गए। एनजीओ भवन में प्रेसवार्ता से पहले कर्मचारियों का ड्रामा देख हर कोई दंग रह गया। एक दूसरे को गले से पकड़कर दोनों तरफ से खूब धक्कामुक्की हुई।
बताया जा रहा है कि सारा विवाद एक गुट के नेता के पद को लेकर हुआ। जोगटा गुट हमीरपुर में महासंघ के स्थापना दिवस को राज्य स्तर पर मनाने को लेकर अड़ा हुआ है। वहीं, मनकोटिया गुट जिला स्तर पर इसे शहीदी दिवस के रूप में मनाने पर अड़ा है।
लंबी वार्ता के बाद दोनों गुटों में समझौता हो गया था और एनजीओ भवन में प्रेसवार्ता होनी थी, लेकिन प्रेसवार्ता से पहले सारा ड्रामा हो गया।
दोनों गुटों के सब्र का प्याला टूट गया और एक दूसरे पर बरस पड़े। संयुक्त रूप से स्थापना दिवस मनाने पर सहमति बनने के बाद दोनों गुटों के प्रधान और कर्मचारी एनजीओ भवन में एकत्रित हो गए। इससे पहले कि कुछ घोषणा हो पाती।
किसके नाम से हो घोषणा इसको लेकर हुआ विवाद
दोनों गुटों के सब्र का प्याला टूट गया और एक दूसरे पर बरस पड़े। संयुक्त रूप से स्थापना दिवस मनाने पर सहमति बनने के बाद दोनों गुटों के प्रधान और कर्मचारी एनजीओ भवन में एकत्रित हो गए। इससे पहले कि कुछ घोषणा हो पाती।
दोनों गुट गुत्थमगुत्था हो गए। बताया जा रहा है कि घोषणा किसके नाम से की जाए, इस पर बहस छिड़ पड़ी। यही बहसबाजी बाद में हाथापाई तक पहुंच गई। कुछ कर्मचारियों के हस्तक्षेप से करीब आधे घंटे बाद मामला शांत हो पाया। दोनों ही गुटों के नेता एक दूसरे को स्वयं- भू नेता करार दे रहे हैं।
स्थापना दिवस को संयुक्त रूप से मनाने को लेकर मीडिया को प्रेस नोट दिया जाए या फिर प्रेस वार्ता की जाए। इस पर दोनों गुटों में आपस में कई तर्क दिए जाते रहे।
आखिरकार दोनों प्रधानों की संयुक्त प्रेसवार्ता करने पर बात आई। इस वार्ता से पहले एक बार फिर प्रेस नोट पर प्रधानों के केवल नाम ही लिखे गए। पदभार के स्थान पर केवल वरिष्ठ कर्मचारी नेता ही लिखा गया। इसी बात पर जितेंद्र राणा भड़क उठे। उन्होंने प्रेस नोट को छीन लिया और यहीं से कर्मचारियों ने एक दूसरे के गिरेबान पकड़ लिए।
मनकोटिया गुट के प्रधान मानचंद राणा का कहना है कि कर्मचारी लड़ते ही रहते हैं। यहां लड़ाई होना घर की आपसी रंजिश की वजह है। जोगटा गुट के प्रधान जितेंद्र राणा का कहना है कि यहां किसी प्रकार की कोई लड़ाई नहीं हुई है।