न्यूटन के सिद्धांत को हिमाचल के वैज्ञानिक अजय ने दी चुनौती, पढ़ें पूरा मामला
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पिछले करीब 36 सालों से विज्ञान के आईंस्टाइन, न्यूटन और आर्कि मिडीज के सिद्धांतों पर शोध कर रहे उप जिला शिक्षा अधिकारी अजय शर्मा का दावा है वह भारत को फिर से विश्व गुरु साबित कर सकते हैं।
अजय कहते हैं कि उन्हें न्यूटन के तीसरे सिद्धांत में संशोधन और इसमें पाए गए अनछुए पहलुओं को साबित करने का मौका मिले तो वह निश्चित रूप से भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके शोध को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से सकारात्मक जवाब मिला है।
यदि 10 से 12 लाख के खर्च, लैब जैसी सुविधाएं और शोध उजागर करने के लिए सरकार की मदद मिली तो वह न्यूटन के सिद्धांत को दी गई अपनी चुनौती को साबित कर दिखाएंगे।
अजय का कहना है कि उन्होंने न्यूटन के तीसरे सिद्धांत की खामी ढूंढी है। न्यूटन का एक सिद्धांत कहता है कि वस्तु किसी भी आकार की हो, उसकी क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर होती है।
पिछले करीब 36 सालों से विज्ञान के आईंस्टाइन, न्यूटन और आर्कि मिडीज के सिद्धांतों पर शोध कर रहे उप जिला शिक्षा अधिकारी अजय शर्मा का दावा है वह भारत को फिर से विश्व गुरु साबित कर सकते हैं।
अजय कहते हैं कि उन्हें न्यूटन के तीसरे सिद्धांत में संशोधन और इसमें पाए गए अनछुए पहलुओं को साबित करने का मौका मिले तो वह निश्चित रूप से भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके शोध को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय से सकारात्मक जवाब मिला है। यदि 10 से 12 लाख के खर्च, लैब जैसी सुविधाएं और शोध उजागर करने के लिए सरकार की मदद मिली तो वह न्यूटन के सिद्धांत को दी गई अपनी चुनौती को साबित कर दिखाएंगे।
अजय का कहना है कि उन्होंने न्यूटन के तीसरे सिद्धांत की खामी ढूंढी है। न्यूटन का एक सिद्धांत कहता है कि वस्तु किसी भी आकार की हो, उसकी क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर होती है।