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कृत्रिम गर्भाधान की विशेष तकनीक से अब बछड़ी ही देगी गाय

Sat, 01 Dec 2018 12:59 PM IST
सरोज पाठक, अमर उजाला, बरमाणा (बिलासपुर)
सरोज पाठक, अमर उजाला, बरमाणा (बिलासपुर) Updated Sat, 01 Dec 2018 12:59 PM IST
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News Technique of Artificial Insemination for Cows

प्रदेश सरकार हिमाचल में डेयरी फार्मिंग में क्रांति लाने की तैयारी में है। सरकार ऐसी तकनीक शुरू करने जा रही है, जिससे गर्भाधान के बाद गाय को केवल बछड़ी होगी। ऐसे में एक तरफ जहां डेयरी में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जा सकेगा वहीं, सांडों की तादाद भी नियंत्रित हो जाएगी। फिलहाल इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया जा रहा है।

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नतीजे अच्छे रहने पर यह तकनीकी पूरे प्रदेश में शुरू कर दी जाएगी। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर का कहना है कि केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी मिल चुकी है। केंद्र ने शर्त रखी है कि किसी जिले में पशुपालन विभाग को पर्याप्त जमीन मिलने पर उस जमीन में अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।
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उसी लैब में यह इंजेक्शन तैयार किया जाएगा। सरकार ने अभी जिला तय नहीं किया है लेकिन इस पर गंभीरता से विचार रहा है। ट्रायल के नतीजे अच्छे रहे तो इसे सभी जिलों में शुरू कर दिया जाएगा। इस खास किस्म के इंजेक्शन से गाय को बछड़ी होने की संभावना 90 फीसदी से अधिक रहती है।
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किस तरह तैयार होता है इंजेक्शन
इंजेक्शन को स्पर्मेटोजोआ सेग्रीगेशन तकनीक से नर पशु के सक्रिय शुक्राणुओं को अलग-अलग कर दिया जाता है। इसमें एक्स और वाई क्रोमोजोम के शुक्राणु अलग हो जाते हैं। इससे कृत्रिम गर्भाधान से इच्छानुसार बछड़ी पैदा करना संभव हो जाता है, लेकिन यह तकनीक महंगी है।

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