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हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड में लगेगा नई किस्मों के सेब का बगीचा
Thu, 29 Jul 2021 02:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 29 Jul 2021 02:05 PM IST
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कोटखाई में सेब बगीचे के निरीक्षण के लिए पहुंचा उत्तराखंड के अधिकारियों का दल ।
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड के मशहूर चौबटिया गार्डन में सेब की आधुनिक किस्मों और कलम का बगीचा (साइन वुड ऑर्चर्ड) लगाने की तैयारी है। शिमला जिले के कोटखाई में विश्व बैंक प्रोजेक्ट में प्रदेश का पहला कलम का बगीचा लगाया गया है। बखोल में लगे इस बागीचे के निरीक्षण के लिए बुधवार को उत्तराखंड उद्यान विभाग के अधिकारियों का दल पहुंचा। अधिकारियों ने बगीचे में लगी सेब की प्रजातियों का निरीक्षण कर इनके वीडियो बनाए जिन्हें अब उत्तराखंड सरकार को सौंपा जाएगा।
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सेब की नई प्रजातियों के प्रसार के लिए बागवान बगीचों में कलमें लगाते हैं। आधिकारिक तौर पर उद्यान विभाग से मान्यता प्राप्त बागीचे से ही बागवानों को कलमें उपलब्ध करवाई जा सकती है। अब तक हिमाचल में ऐसा कोई बगीचा नहीं था। दो साल की मेहनत के बाद कोटखाई बखोल के बागवान संजीव चौहान ने कलम का बागीचा तैयार किया है। उद्यान विभाग से पंजीकरण के बाद अब लाइसेंस लेने की प्रक्रिया चल रही है।
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बुधवार को राजकीय उद्यान चौबटिया के मुख्य सहायक नारायण सिंह राय और बागवानी विभाग उत्तराखंड के बागवानी निरीक्षक दामोदर जोशी ने सहयोगियों के साथ बगीचे का निरीक्षण किया। बागवानों को कलमें उपलब्ध करवाने के लिए तैयार किए गए बागीचे से फल नहीं लिए जा सकते।
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यह बगीचा सिर्फ कलमें उपलब्ध करवाने के लिए ही होता है। कलमें 15 साल से छोटे पौधों पर ही तैयार करनी जरूरी है। इससे बड़े पेड़ों की कलमों के टिशू कमजोर हो जाते है जो आशा अनुरूप परिणाम नहीं देते।
एशिया का सबसे बड़ा फलों का बागीचा है चौबटिया: चौबटिया गार्डन उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले के प्रसिद्ध पहाड़ी पर्यटन स्थल रानीखेत में स्थित है। रानीखेत से 10 किलोमीटर दूर इस स्थान पर एशिया का सबसे बड़ा फलों का बगीचा है। यहां दर्जनों तरह के फ लों के पेड़ हैं, जिन्हें देखने के लिए हर साल देश और दुनिया भर सपर्यटक पहुंचते हैं।
हिमाचल के सहयोग से चौबटिया गार्डन में कलम और सेब का बगीचा लगाने की योजना है। यहां से सेब की नई प्रजातियां उत्तराखंड के बागवानों को प्रसारित की जाएंगी। इसी कड़ी में शिमला के आरएमएस ऑर्चर्ड में स्थित कलम के बागीचे के निरीक्षण को अधिकारियों का दल भेजा गया है। - डॉ. बृजेश गुप्ता, अधीक्षक, राजकीय उद्यान चौबटिया