दो हजार करोड़ डूबने से बचाने को बिल लाएगी प्रदेश सरकार
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हिमाचल में जीएसटी लागू होने के बाद सालों से लंबित चल रहे कर चोरी के करीब ढाई लाख से ज्यादा मामले निपटाने के लिए सरकार कानून बनाएगी। जीएसटी लागू होने के बाद इन लंबित केसों की वजह से प्रदेश सरकार का करीब दो हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व डूबने की कगार पर पहुंच गया था। अब इन केसों को निपटाने और राजस्व अर्जित करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने एचपी सेटेलमेंट ऑफ पेंडिंग असेसमेंट केस बिल लाने की घोषणा की है।
जीएसटी लागू होने के बाद पूरा सरकारी तंत्र उसे लागू करने और व्यापारियों को इससे जोड़ने में जुट गया था। ऐसे में पुराने मामलों के दो हजार करोड़ से ज्यादा की कर चोरी की पेनल्टी वसूलना टेढ़ी खीर बन गया था। दरअसल, जीएसटी लागू होने से पहले तक हिमाचल में वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) और अन्य तरह के टैक्स की चोरी के मामलों की आबकारी एवं कराधान अधिकारी ही सुनवाई कर पेनल्टी तय करते थे।
इसके बाद जरूरत पड़ने पर मामले ट्रिब्यूनल और उसके बाद उच्च न्यायालयों में चले जाते थे, लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद से पूरा सरकारी अमला उसे लागू करने में जुट गया। व्यापारियों को जोड़ने से लेकर जीएसटी की मॉनीटरिंग और कर चोरी रोकने की कवायद के चलते विभागीय अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा था कि वह इतनी बड़ी संख्या में लंबित मामलों को नई जिम्मेदारी के साथ साथ कैसे निपटाए। अगर पूरा विभागीय अमला भी लग जाए तो इतनी बड़ी संख्या में लंबित केसों को निपटाने में कई साल का समय लग जाता।
जबकि अगर पुराने केस निपटाने भी लगे तो जीएसटी का काम और उसके तहत आने वाले केस लंबित हो जाते। इसी दोहरी समस्या से निपटने के लिए सरकार बिल लाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामलों को निपटाने का प्रयास करेगी। इस प्रक्रिया से न सिर्फ विभाग का काम कम होगा बल्कि उसे भारी राजस्व भी अर्जित होगा जिसका सरकार विकास योजनाओं के लिए इस्तेमाल कर सकेगी।
जीएसटी में पंजीकरण से जल्द मिलेगी राहत
जीएसटी लागू होते समय हिमाचल सरकार ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए प्रदेश के व्यापारियों की सीमा को दस लाख तक रखने का प्रस्ताव किया था। इसी के चलते जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को खासी दिक्कत पेश आई। भाजपा ने चुनाव के दौरान जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सीमा को दस से बीस लाख कराने का वायदा किया था।
सरकार बनते ही जीएसटी काउंसिल की बैठक में प्रदेश सरकार ने यह मांग भी रख दी। चूंकि निर्णय काउंसिल में होना है ऐसे में समय लग रहा है। बजट के दौरान मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार द्वारा उठाई गई व्यापारियों की इस मांग को जल्द ही जीएसटी काउंसिल मान लेगी और इससे व्यापारियों को खासी राहत होगी।