हिमाचल में सुरक्षा परीक्षकों की हरी झंडी के ही बाद पास होंगी नई सड़कें
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प्रदेश में बनने वाली नई सड़कों का सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों से ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिटरों के सड़क को पास करने के बाद ही उसे इस्तेमाल करने की हरी झंडी दी जाएगी।
यह फैसला 20 जून को कुल्लू में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद शुक्रवार को सचिवालय में सड़क सुरक्षा पर हुई विशेष बैठक के दौरान लिया गया। मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी, पुलिस व परिवहन के अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर उन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने वाहन चालकों की ट्रेनिंग पर खास जोर दिया। कहा कि लोगों को ओवर स्पीडिंग, रैश ड्राइव, शराब पीकर वाहन चलाने और मोबाइल के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर जागरूक किया जाएगा।
कहा कि ड्राइविंग टेस्ट को और सख्त किया जाएगा। इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा कि भारी वाहन चलाने वाले चालक का उचित प्रशिक्षण हो। ड्राइविंग स्कूलों में बायोमीट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा।
हर जिले में ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट फैसिलिटी मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा। सीएम ने कहा कि टैक्सी समेत हर व्यावसायिक वाहन में चालक का लाइसेंस, नाम और फोटो लगा होगा।
ओवरलोडिंग पर अफसरों पर गिरेगी गाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग खास ध्यान रखें कि वाहनों में ओवरलोडिंग न हो। अगर ऐसा पाया गया तो उस क्षेत्र के संबंधित परिवहन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालक पर भी कार्रवाई होगी। स्कूल बसों की निरंतर चेकिंग कर सुरक्षा नियमों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
भीड़ वाले स्टेशनों जारी होंगे वाहन परमिट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसे स्टेशनों को चिह्नित किया जाएगा, जहां सवारियां ज्यादा हैं और वाहन कम हैं। ऐसे रूटों पर टैक्सी, मिनी बस, मैक्सी कैब और ट्रैक्स के परमिट दिए जाएंगे। उन्होंने परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहनों की फिटनेस निरंतर चेक की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि सिर्फ अच्छी स्थिति वाले वाहन ही सड़क पर दौड़ें।