Himachal: सरकारी स्कूलों को नया फरमान, पढ़ाई प्रभावित करने वाले आयोजनों पर लगेगी लगाम
सरकारी स्कूलों में अब शिक्षण कार्य में बाधा डालने वाली गैर शैक्षणिक गतिविधियों पर लगाम लगेगी।
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षण कार्य में बाधा डालने वाली गैर शैक्षणिक गतिविधियों पर लगाम लगेगी। शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी किए हैं कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को बिना पूर्व अनुमति किसी भी गैर शैक्षणिक कार्यक्रम, समारोह, स्वागत आयोजन या सार्वजनिक गतिविधि में नहीं भेजा जाएगा। निदेशालय ने इसे 240 शैक्षणिक दिवस पूरे करने और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बताया है।
स्कूल से बाहर छात्रों की भागीदारी केवल उन्हीं गतिविधियों में होगी, जिनका सीधा संबंध शिक्षा, खेल, विज्ञान, संस्कृति या कौशल विकास से हो। इसके लिए भी पूर्व अनुमति और सुरक्षा प्रबंध जरूरी होंगे। विश्व पर्यावरण दिवस, अर्थ डे और अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय दिवसों के आयोजन को भी सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम सुबह की प्रार्थना सभा या बैग-फ्री डे तक सीमित रहें, पूरे दिन की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि विभिन्न आयोजनों, समारोहों और सरकारी कार्यक्रमों के कारण स्कूलों में नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इससे न केवल कक्षाओं का संचालन बाधित होता है, बल्कि छात्रों की सीखने की क्षमता और परीक्षा परिणामों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए अकादमिक गतिविधियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अनिवार्य है। निदेशालय ने आदेशों में दोहराया है कि वार्षिक परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों की 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। यदि कोई छात्र बिना निदेशालय की अनुमति के किसी गैर-शैक्षणिक समारोह या आयोजन में भाग लेने के लिए स्कूल से अनुपस्थित रहता है, तो उस दिन को अनुपस्थिति माना जाएगा। कई बार स्कूलों के छात्र सार्वजनिक स्वागत, भीड़ बढ़ाने, सांस्कृतिक मंच सजाने या अन्य गैर-शैक्षणिक आयोजनों में शामिल किए जाते हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। अब ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह हतोत्साहित किया जाएगा।