फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Neonatal intensive care unit will be started in AIIMS Bilaspur in December 2023

AIIMS Bilaspur: एम्स में दिसंबर से शुरू होगी नवजात गहन चिकित्सा इकाई

Mon, 21 Aug 2023 01:30 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 21 Aug 2023 01:30 PM IST
सार

फिलहाल प्रदेश में गिने-चुने  मेडिकल कॉलेज में ही नवजात गहन चिकित्सा इकाई है। अभी तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेज टांडा, शिमला और नेरचौक में इसकी सुविधा है।

विज्ञापन
Neonatal intensive care unit will be started in AIIMS Bilaspur in December 2023
एम्स बिलासपुर। - फोटो : संवाद

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में दिसंबर से एनआईसीयू (नीकू) की सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। केंद्र से इस इकाई को शुरू करने के लिए जनवरी में मंजूरी मिली थी। इसके बाद उपकरणों की खरीद के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। अब इस इकाई को शुरू करने के लिए एम्स में उपकरण पहुंचना शुरू हो गए हैं। बड़ी बात यह है कि एम्स बिलासपुर में इस इकाई के लिए अत्याधुनिक उपकरण स्थापित होंगे।

विज्ञापन


फिलहाल प्रदेश में गिने-चुने  मेडिकल कॉलेज में ही नवजात गहन चिकित्सा इकाई है। अभी तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेज टांडा, शिमला और नेरचौक में इसकी सुविधा है। नवजात बच्चे के स्वास्थ्य को देखते हुए एनआईसीयू (निकू) में ऐसे कई अत्याधुनिक उपकरण होते हैं जिनकी मदद से बच्चे का इलाज किया जाता है। इनमें शिशु वार्मर, इन्क्यूबेटर्स, फोटोथेरेपी, मॉनिटर, फीडिंग ट्यूब, आईवीएस, रेखाएं वेंटिलेटर मुख्य हैं। अस्पताल में बीमार या समय से पहले जन्मे बच्चे की देखभाल के लिए यह इकाई होती है। 
विज्ञापन


नवजात के लिए एनआईसीयू जरूरी
जब कोई बच्चा समय से पहले जन्म लेता है तो उसे बाहर आकर कई परेशानियां होती हैं। इनमें प्रीटर्म बेबी, जिनके जन्म में समस्या आई हो या कोई जन्म विकार हो, उनके लिए सांस लेना, खाना जैसी चीजें मुश्किल हो जाती हैं। ऐसे नवजात शिशुओं को स्पेशल केयर में रखा जाता है जिसे एनआईसीयू कहते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एम्स में नवजात गहन चिकित्सा इकाई के लिए उपकरण आना शुरू हो गए हैं। इन्हें स्थापित करने और उपकरणों को पहुंचने में तीन माह का समय लगेगा। दिसंबर से एम्स में नवजात बच्चों को एनआईसीयू की सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी। - डॉ. दिनेश वर्मा, एमएस एम्स बिलासपुर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed