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बड़ी लापरवाही, अवैध निर्माण पर नोटिस के सिवा कुछ नहीं किया

Fri, 20 Jan 2017 11:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 20 Jan 2017 11:38 AM IST
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Negligence of govt over illegal construction in state

हिमाचल में जब-जब अवैध निर्माण हुआ या इसकी शिकायत मिली, भवन मालिकों को नोटिस दे दिए गए। अफसरों ने भी समय-समय पर मौके का निरीक्षण किया। राजभवन से टीसीपी संशोधन विधेयक पर पूछे गए सवाल में प्रदेश सरकार ने गोलमोल जवाब तैयार किया है। राजभवन ने पूछा था कि हिमाचल में अवैध निर्माण अफसरों-कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। 

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ऐसे में अफसरों और कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होगी? सरकार ने अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ भविष्य में सख्ती करने की बात कही है। एक्ट में जेल भेजने तक का भी प्रावधान किया है। हालांकि, सीएम बीते दिन ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जिम्मेदार अफसरों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। 
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सूत्र बताते हैं कि शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने धर्मशाला में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से यह मामला डिस्कस किया है। अब फाइल मंत्री कार्यालय में है। इसी सप्ताह फाइल को राजभवन भेजा जाना है। गौरतलब है कि राजभवन ने टीसीपी संशोधन विधेयक पर 6 सवालों के जवाब मांगे हैं। इसमें पांच सवालों के जवाब विभाग ने तैयार कर लिए हैं। इस सवाल पर पेच था। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने कहा कि फाइल राजभवन को भेजी जा रही है। 

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30 हजार है अवैध भवनों की संख्या

Negligence of govt over illegal construction in state

हिमाचल में 30 हजार ऐसे भवन मालिक हैं, जिन्होंने अवैध निर्माण किया हुआ है। इनमें से अधिकांश लोगों को बिजली और पानी के कनेक्शन नहीं मिले हैं। कई लोगों ने व्यावसायिक तौर पर कनेक्शन लिए हैं। इन लोगों को हर महीने हजारों का बिल अदा करना पड़ रहा है। 

चुनाव के दौरान किया था नियमित करने का वायदा 
कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव के दौरान अवैध भवनों को नियमित करने का वायदा किया था। इसके चलते सरकार ने विधानसभा में इस एक्ट को मंजूरी दी थी। राजभवन में यह विधेयक लंबित है।

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