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हिमाचल: एनआईए के रडार पर होने की वजह से नेगी को नहीं दी थी बड़ी जिम्मेवारी
Sat, 19 Feb 2022 12:36 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 19 Feb 2022 12:36 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश पुलिस में सेवाएं देते हुए पंद्रह वर्ष पूर्व अरविंद दिग्विजय नेगी ने राज्य के बहुचर्चित सीपीएमटी पेपर लीक केस की जांच की थी। आईजी ओसी ठाकुर के नेतृत्व वाली एआईटी में जांच अधिकारी के रूप में अरविंद की खूब चर्चा रही है।
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अरविंद दिग्विजय नेगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एनआईए के रडार पर होने की वजह से आईपीएस अधिकारी अरविंद दिग्विजय नेगी को केंद्र की प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद जयराम सरकार ने भी बड़ी जिम्मेवारी नहीं दी। दिल्ली से लौटने के बाद वह हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से अपनी नियुक्ति का इंतजार करते रहे। करीब एक हफ्ते पहले ही नेगी को एसडीआरएफ जुन्गा में कमांडेंट की नियुक्ति दी गई। इससे पहले जहरीली शराब मामले में बनी एसआईटी का सदस्य जरूर बनाया गया, मगर फील्ड में भेजने और जांच में अहम पदों पर रखने के बजाय नेगी को दस्तावेजों के निरीक्षण का ही काम दिया गया था।
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आईपीएस अधिकारी अरविंद दिग्विजय नेगी की गिरफ्तारी के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। अरविंद नेगी की गिरफ्तारी की सूचना सोशल मीडिया पर फैली तो इससे हिमाचल प्रदेश और राज्य के पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई। यह उल्लेखनीय है कि आरोपों के संबंध में अपना पक्ष रखने के लिए नेगी पहले ही दो बार एनआईए के सामने पेश हो चुके हैं। जांच एजेंसियां नेगी की संपत्ति की जांच कर रही हैं। दरअसल हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में पूर्व एनआईए अधिकारी के घर पर एनआईए ने छापा मारा था।
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सीपीएमटी पेपर लीक से हिमाचल में खूब चर्चित रह चुके अरविंद
हिमाचल प्रदेश पुलिस में सेवाएं देते हुए पंद्रह वर्ष पूर्व अरविंद दिग्विजय नेगी ने राज्य के बहुचर्चित सीपीएमटी पेपर लीक केस की जांच की थी। आईजी ओसी ठाकुर के नेतृत्व वाली एआईटी में जांच अधिकारी के रूप में अरविंद की खूब चर्चा रही है। इस मामले में 119 लोगों के खिलाफ चार्जशीट बनी थी। राज्य के बहुचर्चित शिमला तेजाब कांड की गुत्थी सुलझाने में भी अरविंद ने अहम भूमिका निभाई थी। विजिलेंस ब्यूरो में भी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्ति दी गई। उसके बाद एनआईए में नियुक्ति मिली। हिमाचल में अरविंद नेगी को तेज-तर्रार अधिकारी माना जाता रहा है, मगर एनआईए की कार्रवाई के बाद लोग यह जानकर सन्न हैं कि वहां परदे के पीछे उनका कुछ और मामला भी चल रहा था।
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