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जूते बनाने को मजबूर है ये हॉकी खिलाड़ी, छह बार खेला नेशनल

Tue, 30 Aug 2016 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Tue, 30 Aug 2016 09:37 AM IST
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National Hockey Player Subhash Chand that make shoes in Hamirpur town of Himachal Pradesh

देश भर में सोमवार को जहां राष्ट्रीय खेल दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा था, वहीं राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुभाष चंद हमीरपुर के टाउन हाल के सामने जूते बना रहे थे। हमीरपुर के सुभाष चंद जूनियर और सीनियर लेवल पर 6 बार नेशनल खेल चुके हैं। हमीरपुर में एक छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं।

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सुभाष चंद बताते हैं कि 1977 में उन्होंने पहली बार जूनियर नेशनल में हिस्सा लिया था। उसके बाद 3 बार जूनियर नेशनल खेले। दो बार इंटर यूनिवर्सिटी और 2 बार सीनियर लेवल पर नेशनल खेला। वह पहली बार नेशनल खेलने गए थे तो उनके पास पैड तक नहीं थे।
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पैड उधार लेकर पहला नेशपन खेला था। उस वक्त खेलों के लिए इतनी सुविधाएं नहीं थीं। न बजट और कभी-कभी उनके पास हॉकी स्टिक होती थी। वह सीनियर की स्टिक उधार मांग कर प्रेक्टिस करते थे। छह बार नेशनल खेलने के बाद भी सरकार से कोई सहायता नहीं मिली।
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वर्ष 1984 में आईटीआई की। उसके बाद भी कहीं नौकरी नहीं मिली तो परिवार के भरण-पोषण को पुश्तैनी काम (मोची की दुकान) ही संभालना पड़ा। सुभाष चंद का एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटी एमटेक करने के बाद निजी क्षेत्र में नौकरी कर रही है। बेटे ने होटल टूरिज्म में बीएससी की है। बच्चे खेलों में जाना चाहते थे, लेकिन सुभाष चंद ने दोनों को खेलों से दूर रखा।

National Hockey Player Subhash Chand that make shoes in Hamirpur town of Himachal Pradesh
भाजयुमो के राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र अत्री ने सुभाष को सम्मानित किया।

हमीरपुर में भाजयुमो के राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र अत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया। जिसमें दलित परिवार से संबंध रखने वाले राष्ट्रीय खिलाड़ी सुभाष को मुख्यातिथि बनाया गया। इस मौके पर हॉकी खिलाड़ी सुभाष ने कहा कि 30 वर्ष बाद खेल दिवस के मौके पर जब गुमनामी की धूल छंटी तो खुद के खिलाड़ी होने का एहसास हुआ।

सैकड़ों खिलाडिय़ों के उपस्थिति में जब उन्हें यह सम्मान मिला तो खुशी उनके चेहरे पर साफ दिख रही थी। सुभाष चंद दलित परिवार से सबंध रखते हैं, एक खिलाड़ी के रूप में सम्मान के साथ-साथ सामाजिक समरसता के लिए भाजयुमो नेता एवं उनकी टीम ने यह एक अनूठी पहल की है। भाजयुमो राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र अत्री जो खुद हॉकी के खिलाड़ी रह चुके हैं।

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