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एनजीटी के फैसले पर टिकी है लोगों की निगाहें, नहीं आ रहे आवेदन

Mon, 18 Jun 2018 10:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 18 Jun 2018 10:54 AM IST
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national green tribunal judgement over building construction in shimla

प्लानिंग एरिया शिमला में लोग ढाई मंजिला भवन बनाने को तैयार नहीं हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग कार्यालय में लोग ढाई मंजिला भवन बनाने के लिए आवेदन नहीं कर रहे हैं।

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अब जनता की निगाहें 16 नवंबर को एनजीटी में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। सरकार की नोडल एजेंसी हिमुडा का भी कंस्ट्रक्शन का काम प्रभावित हुआ है। यह एजेंसी भी पुरानी कार्यों को ही निपटाने में जुटी है।
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जाठिया देवी में 300 बीघा जमीन पर कालोनियों का निर्माण होना है लेकिन यह कार्य लटका पड़ा है। भवन निर्माण के लिए 30 डिग्री एंगल वाली जमीन शर्त भी जनता पर भारी पड़ रही है।
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शिमला प्लानिंग एरिया में लोगों को ऐसी जमीन नहीं मिल रही है। ऐसे में जमीन की खरीद-फरोख्त भी रुकी पड़ी है।

पॉलिसी के आवेदन भी लंबित

national green tribunal judgement over building construction in shimla

हालांकि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से लोगों को आश्वस्त किया जा रहा है कि 16 जुलाई तक एनजीटी से जनता को राहत मिल सकती है। टीसीपी निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि पुनर्विचार याचिका में सरकार ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। उम्मीद है कि एनजीटी से फैसला सरकार के हक में आएगा।

टीसीपी कार्यालय में अवैध भवनों को नियमित करने के आवेदन भी लंबित पड़े हैं। हाईकोर्ट ने सरकार की इस पॉलिसी पर आपत्ति जताई है। कार्यालय में 11 हजार से अधिक लोगों ने पॉलिसी के तहत भवन नियमित के लिए आवेदन किया है।

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