नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने रोहतांग जाने वाले वाहनों को दी बड़ी राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रोहतांग के लिए डीजल वाहनों पर लगी रोक के मामले में सशर्त तीन माह की मोहलत दे दी है।
दिल्ली में मंगलवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार ने ये शर्त लगाते हुए तीन माह की मोहलत दी कि एक दिन में रोहतांग के लिए एक हजार वाहन ही जाने दिए जाएं। पेट्रोल वाले 600 और डीजल वाले 400 वाहनों को ही अनुमति मिलेगी।
वहीं, वाहन चालकों को मोटा शुल्क भी चुकाना होगा जो अभी तक सैलानियों से वसूले जाने वाले किराये से भी अधिक है। बता दें कि एनजीटी ने अप्रैल माह में दिए अपने आदेश में एक मई से डीजल वाहनों के रोहतांग जाने पर रोक लगा दी थी।
रोहतांग जाने को भारी शुल्क चुकाना होगा
ट्रिब्यूनल ने आदेश दिए हैं रोहतांग जाने वाले पेट्रोल वाहन से प्रति चक्कर 1000 रुपये शुल्क लिया जाएगा। जबकि छोटे डीजल वाहनों से 2500 रुपये और बड़े डीजल वाहनों से 5000 रुपये शुल्क वसूला जाएगा। अभी तक रोहतांग जाने वाले वाहनों से किसी तरह का शुल्क नहीं वसूला जाता है।
इसके बाद 23 अप्रैल को शिमला में हुई सुनवाई में पांच मई तक राहत दे दी गई थी। याचिका दायर करने वाली हिमाचल टैक्सी ऑपरेटर यूनियन मनाली और लग्जरी कोच यूनियन मनाली के अधिवक्ता राजेश गुप्ता का कहना है कि एनजीटी ने कुछ शर्तों के साथ तीन माह के लिए राहत दी है।
उधर, उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर का कहना है कि अभी तक ट्रिब्यूनल के आदेश की प्रति नहीं पहुंची है। प्रति मिलते ही आदेशों पर अमल किया जाएगा।