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जवाब दो, क्यों हो रही पर्यावरण अधिनियम की अनदेखी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 21 Nov 2014 11:48 AM IST
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हिमाचल सरकार की ओर से पर्यावरण अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी किए जाने वाले मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर आगामी आठ जनवरी तक जवाब मांगा है।
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अधिवक्ता अभिमन्यु राठौड़ की ओर से दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने उक्त आदेश पारित किए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश भर में पर्यावरण को ठीक करने के बारे में सरकार का रवैया उदासीन है। प्रार्थी ने समाचार पत्रों में छपी कुछ खबरों का हवाला भी दिया है।
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प्रार्थी के अनुसार प्लास्टिक वेस्ट से ग्लेशियर पर काली परत चढ़ गई है, जिससे वे पिघल रहे हैं। प्रार्थी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि पहाड़ों को बचाने के लिए कोई भी कारगर नीति नहीं बनाई गई है, जैसे कि दूसरे देशों में बनाई जा रही है।
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26, 27 को सुनवाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग आगामी 26 और 27 नवंबर को राज्य विश्राम गृह, चंडीगढ़ में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की शिकायतों एवं समस्याओं की सुनवाई के लिए सार्वजनिक सुनवाई शिविर का आयोजन करेगा। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।