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Nari Shakti: रसोई संभालने से लेकर बड़े मोर्चों पर दमखम से डटी हैं हिमाचल की ये महिला पंचायत प्रधान

Fri, 20 Oct 2023 09:56 AM IST
Krishan Singh विश्वास भारद्वाज, शिमला
विश्वास भारद्वाज, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 20 Oct 2023 09:56 AM IST
सार

पुनर्वास का मुद्दा हो या ग्राम पंचायतों को नशा मुक्त करने की जंग, घर की रसोई संभालने से लेकर तमाम बड़े मोर्चों पर हिमाचल की महिला पंचायत प्रधान पूरे दमखम से डटी हैं। 

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Nari Shakti: female Panchayat pradhan From handling the kitchen to taking charge on big fronts
पंचायत प्रधान रेणु पठानिया,मीरा वर्मा व सावित्री देवी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एयरपोर्ट विस्तारीकरण से विस्थापन के बाद पुनर्वास का मुद्दा हो या ग्राम पंचायतों को नशा मुक्त करने की जंग, घर की रसोई संभालने से लेकर तमाम बड़े मोर्चों पर हिमाचल की महिला पंचायत प्रधान पूरे दमखम से डटी हैं। कांगड़ा की ग्राम पंचायत गगल की प्रधान रेणु पठानिया हवाई अड्डा विस्तार की प्रक्रिया के बीच हजारों लोगों के पुनर्वास की लड़ाई लड़ रही हैं। रेणु का कहना है कि अपनी जमीन से उजड़ने के बाद लोगों को उसी दर्जे की भूमि मिलनी चाहिए, जैसी वर्तमान में उनके पास है। उनके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

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मंडी की टिल्ली केहनवाल ग्राम पंचायत की प्रधान सावित्री देवी उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के साथ अपनी पंचायत को नशा मुक्त बनाने में जुटी हैं। वह पंचायत की ओर से नशे के सौदागरों की सूचना पुलिस को दे चुकी हैं, जिस पर कार्रवाई भी हुई है। महिला पंचायत प्रधान स्कूल प्रबंधन समिति की बैठकों में भी अभिभावकों को बच्चों को नशे से बचाने के लिए प्रेरित करती हैं। कोरोनाकाल में नशेड़ियों के पुनर्वास के लिए काम कर चुकी हैं।
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जिला शिमला के चौपाल विधानसभा हलके की बगैण पंचायत की प्रधान मीरा वर्मा कहती हैं कि महिलाएं अब पुरुषों से आगे बढ़कर पंचायती राज संस्थाओं का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। आने वाले समय में विधानसभा और लोकसभा के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू हुआ तो इसका भी महिला वर्ग को लाभ मिलेगा। पहले जब भी पंच परमेश्वर की बात होती थी तो एक तस्वीर उभरकर सामने आती थी कि एक सरपंच होगा और उसे घेरे हुए कुछ पुरुष पंच ही बैठे होंगे। अब पुरुषों के स्थान पर महिलाएं ही पंच परमेश्वर या सरपंचों की भूमिका में ज्यादा नजर आती हैं।
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9 जिलों में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं प्रधान

हिमाचल में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण प्राप्त है। कुल 3,615 पंचायतों में से 1825 पंचायतों में महिलाएं प्रधान हैं। 45 अनारक्षित सीटों पर भी महिलाएं प्रधान हैं। चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, लाहौल स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना में पुरुषों से ज्यादा महिला प्रधान हैं। यानी जितना आरक्षण है, उससे ज्यादा महिलाओं ने प्रतिनिधित्व संभाला हुआ है। तीन जिलों बिलासपुर, हमीरपुर और कुल्लू में आरक्षित सीटों पर ही महिला प्रधानों की नियुक्तियां हैं।
 

किस जिले में कितनी महिला प्रधान

जिला             कुल सीटें    महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें      चुनी गईं महिला प्रधान
बिलासपुर         176                          89                                      89
चंबा                 309                          154                                    165
हमीरपुर           248                         124                                     124
कांगड़ा            814                         391                                      407
किन्नौर             73                           37                                        38
कुल्लू               235                          119                                     119
लाहौल-स्पीति     45                           23                                       24
मंडी                 559                          277                                     278
शिमला             412                          195                                    199
सिरमौर            259                         131                                      135
सोलन              240                         121                                      124
ऊना                245                         119                                      125
हिमाचल प्रदेश   3615                       1780                                   1825

 

यह अच्छा संकेत है कि पंचायतों का प्रतिनिधित्व पुरुषों से ज्यादा महिलाओं के हाथ में है। पंचायतों में प्रधान पद पर महिलाओं की संख्या का ज्यादा होना महिला सशक्तीकरण की दिशा में अच्छा आंकड़ा है। करीब 57 फीसदी महिलाएं पंचायती राज संस्थाओं में प्रतिनिधित्व कर रही हैं। महिलाएं आरक्षित सीटों के साथ साथ अनारक्षित सीटों पर भी पूरा दमखम दिखाते हुए जीत हासिल कर रही हैं।- ऋग्वेद मिलिंद ठाकुर, निदेशक, ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग, हिमाचल प्रदेश

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