Shimla: नरेश चौहान बोले- कैबिनेट बैठक में नई घोषणा या योजना के क्रियान्वयन का निर्णय नहीं लिया
प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार पर आचार संहिता के उल्लंघन का निराधार आरोप लगाने वाली भाजपा नगर निकायों में अपनी करारी शिकस्त की बौखलाहट के कारण बेतुकी बयानबाजी कर रही है।
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मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार पर आचार संहिता के उल्लंघन का निराधार आरोप लगाने वाली भाजपा नगर निकायों में अपनी करारी शिकस्त की बौखलाहट के कारण बेतुकी बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को लोक भवन और मीडिया के समक्ष आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के बारे में झूठे आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांककर देखने की आवश्यकता है। मंगलवार को प्रेस वार्ता को संबोधित कर चौहान ने कहा कि कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल में पंचायत चुनावों के समय 21 दिसंबर 2020 से 22 जनवरी 2021 तक प्रदेश में आचार संहिता लागू थी और इस दौरान 23 दिसंबर 2020 और 5 जनवरी 2021 को दो बार मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की गईं। इससे पूर्व प्रो. प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में 7 दिसंबर 2010 को पंचायत चुनावों को लेकर आचार संहिता के मध्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी।
इसी प्रकार वीरभद्र सिंह के कार्यकाल के दौरान भी आचार संहिता के मध्य 5 दिसंबर 2005 और 19 दिसंबर 2005 को मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की गई थीं। नरेश चौहान ने कहा कि हाल ही में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में कोई भी नई घोषणा या योजना के क्रियान्वयन का निर्णय नहीं लिया गया। इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना के तहत पहले से ही विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जा रहे हैं। इस योजना का लाभ लाहौल स्पीति, कुपवी, किलाड़ और पांगी आदि क्षेत्रों में महिलाओं को सम्मान निधि के रूप में प्रदान किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त मंत्रिमंडल में जो मानदेय बढ़ोतरी से संबंधित निर्णय लिया गया है, उसका भी बजट में पहले से ही प्रावधान किया गया था।
नरेश चौहान ने कहा कि नगर निकायों के परिणाम कांग्रेस के पक्ष में रहे हैं जिसकी भाजपा ने कभी उम्मीद नहीं की थी। भाजपा के पांचों गुट जीत की आस लगाए बैठे थे और उनके बीच नेतृत्व की लड़ाई जारी थी, लेकिन चुनाव के परिणामों ने इन नेताओं को गहरा झटका दिया है। नरेश चौहान ने कहा कि पंचायतीराज संस्थानों के चुनाव बैलेट पेपर पर हुए हैं और इनके परिणामों से यह स्पष्ट है कि भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा के चुनाव भी ईवीएम के स्थान पर बैलट पेपर पर करवाए जाएं तो कांग्रेस ही विजयी बनेगी।
उन्होंने प्रदेश भाजपा के नेताओं से सवाल किया कि वह बताएं कि आपदा, जीएसटी, राजस्व घाटा अनुदान आदि मुद्दों पर उन्होंने हिमाचल के हक में कितनी बार केंद्र सरकार के समक्ष बात रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। उन्होंने सरकार की नीतियों पर विश्वास जताते हुए कहा कि निकट भविष्य में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अव्वल बनेगा। चुनावों के परिणाम के तुरत बाद से सरकार लगातार पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों में भारी वृद्धि कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जब कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी लेकिन देश में पेट्रोल 60 से 65 रुपये प्रति लीटर मिलता था। आज जब कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर से भी कम है तब भी पेट्रोल की कीमत 100 रुपये को पार कर गई है। पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर मंहगाई पर पड़ता है और केंद्र की ओर सेबढ़ाई गई कीमतों के दूरगामी प्रभाव होंगे।