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नलबंदी कांडः सरकार ने जारी किए नए फरमान
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Wed, 19 Nov 2014 01:52 PM IST
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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नलबंदी के बाद 13 महिलाओं की मौत के बाद हिमाचल स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। स्वास्थ्य निदेशालय ने जिलों के सभी सीएमओ को ऑनलाइन सर्कुलर जारी किया है।
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इसमें कहा गया है कि नलबंदी के बाद अब महिलाओं को एक दिन अस्पताल में दाखिल करना जरूरी है। हालांकि ये गाइडलाइन 2008 की है, लेकिन अमूमन नलबंदी के बाद महिलाओं को उसी दिन घर भेज दिया जाता है।
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नलबंदी के लिए अब स्वास्थ्य निदेशालय में सभी मुखियाओं की जिम्मेदारी तय कर दी है। ये अधिकारी नलबंदी के लिए लगने वाले शिविरों की निगरानी खुद करेंगे। ऑपरेशन के लिए पुख्ता इंतजाम और नलबंदी के बाद महिलाओं को चौबीस घंटे तक अस्पताल में दाखिल करने की जिम्मेदारी इन्हीं की होगी।
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उल्लेखनीय है कि परिवार नियोजन शिविर में एक महिला के ऑपरेशन के लिए डॉक्टर को 75 रुपये और बेहोश करने वाले डॉक्टर को 25 रुपये दिए जाते हैं। परिवार नियोजन अपनाने के लिए प्रेरित करने वाले को 150 रुपये दिए जाते हैं।
'नलबंदी शिविरों में गुणवत्ता आधारित कार्य के लिए निदेशालय से आदेश मिले हैं। इस संबंध में सभी बीएमओ और अन्य अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शिविर में किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बख्शा नहीं जाएगा।"
- डॉ. एनके भारद्वाज, जिला स्वास्थ्य अधिकारी मंडी