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नालागढ़ विधानसभा उपचुनाव: केएल के सामने राणा को मनाना चुनौती, बावा को साधने होंगे नाराज कार्यकर्ता
Tue, 11 Jun 2024 10:58 AM IST
Krishan Singh
सोमदत्त शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
सोमदत्त शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 11 Jun 2024 10:58 AM IST
सार
टिकट के चाहवान सक्रिय हो गए हैं और नेताओं के दरबार में हाजिरी लगाना शुरू कर दी है। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी लगभग तय माने जा रहे हैं।
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केएल ठाकुर, लखविंदर, हरदीप बावा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होते ही नालागढ़ में सियासी पारा चढ़ गया है। टिकट के चाहवान सक्रिय हो गए हैं और नेताओं के दरबार में हाजिरी लगाना शुरू कर दी है। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी लगभग तय माने जा रहे हैं। हाईकमान उन पर दांव खेलती है या नहीं, यह रोचक होगा। भाजपा की बात करें तो केएल ठाकुर दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा भी इसी शर्त पर ज्वाइन की है कि उन्हें ही टिकट दिया जाए। उपचुनाव में भाजपा के छह में से चार प्रत्याशियों को हार का सामना देखना पड़ा। जिसने अब भाजपा हाईकमान को सोचने पर मजबूर कर दिया है और भाजपा टिकट को लेकर मंथन कर रही है।
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हालांकि, उनके पास लखविंदर राणा भी हैं। मौजूदा समय में उन्हें प्रदेश प्रवक्ता भी बनाया गया है। मगर विधानसभा चुनाव के दौरान वह तीसरे स्थान पर रहे थे। कांग्रेस के पास फिलहाल हरदीप सिंह बावा एकमात्र प्रत्याशी नजर आ रहे हैं। उन पर विधानसभा चुनाव के दौरान भी बाहरी होने का तमगा लगा था। जिसके बाद कुछ कांग्रेसी कार्यकर्ता ही उनसे नाराज दिखे थे। उन्हें आजाद प्रत्याशी केएल ठाकुर से हार का सामना करना पड़ा। अब उन लोगों को मनाना भी कांग्रेस के लिए चुनौती होगा। हालांकि वह चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे और उन्हें एक फायदा यह मिल सकता है कि अभी तक कांग्रेस के पास कोई अन्य दावेदार नहीं है।
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हरप्रीत भी सक्रिय
नालागढ़ से लंबे समय तक विधायक रहे हरिनारायण सैणी के भतीजे हरप्रीत सैणी भी राजनीति में सक्रिय हैं। बीते काफी समय से वह लोगों के बीच जा रहे हैं। इस बार उपचुनाव में अगर वह आजाद होते हैं तो भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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