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जाग उत्सव: दहकते अंगारों पर माता के गूरों, चेलियों ने किया नृत्य, नतमस्तक हुए श्रद्धालु
Wed, 27 Jul 2022 06:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, भुंतर/कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, भुंतर/कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 27 Jul 2022 06:38 PM IST
सार
माता नैना के कारदार सीता राम ने कहा कि एक दिवसीय नैना माता का जाग उत्सव इस बार देव परंपरा के अनुसार मनाया गया। देव शक्ति को देखने के लिए दूर-दूर से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
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दहकते अंगारों पर किया नृत्य।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जिला कुल्लू के भुंतर स्थित पिपलागे में नैना माता मंदिर में माता के जाग उत्सव का आयोजन किया गया। माता के गूरों और चेलियों का दहकते अंगारों पर नृत्य देखकर सभी हैरान रह गए। हर साल की तरह इस बार भी सावन माह में भुंतर से सटे पीपलागे में माता नैना के मंदिर में मंगलवार रात को जाग उत्सव धूमधाम से मनाया गया। माता के गूरों व चेलियों ने देव खेल आने पर दहकते अंगारों पर नृत्य कर देव शक्ति और आस्था का परिचय दिया।
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माता के आगे श्रद्धालु भी नतमस्तक हो गए। इस धार्मिक कार्यक्रम को देखने के लिए जिला कुल्लू व मंडी क्षेत्र के सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। मंगलवार रात करीब 1:00 बजे माता नैना और भद्रकाली ने अपने कारकूनों, हारियानों व देवलुओं के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर मंदिर में प्रवेश कर देवालय के साथ अंगारों के चारों ओर परिक्रमा की। इसके बाद जलते अंगारों के बीच हुए नृत्य का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
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माता की शक्ति से दहकते अंगारों पर नृत्य करने वालों के पैर में आंच तक नहीं आती है। इस दौरान माता नैना देवी के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। माता नैना के कारदार सीता राम ने कहा कि एक दिवसीय नैना माता का जाग उत्सव इस बार देव परंपरा के अनुसार मनाया गया। कहा कि इस दौरान देव शक्ति को देखने के लिए दूर-दूर से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
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