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एनएबीएल आईएसओ सर्टिफिकेट जारी करने वाली लैब बनी धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:09 AM IST
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क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला देश की पहली एनएबीएल आईएसओ सर्टिफिकेट जारी करने वाली लैब बन गई है। लैब की ओर से जारी सर्टिफिकेट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्य होंगे। इन्हें कोई भी चैलेंज नहीं कर सकेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता का सर्टिफिकेट मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जारी किया।
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इस प्रयोगशाला ने एशिया की सर्वश्रेष्ठ सरकारी फोरेंसिक प्रयोगशाला हांगकांग के साथ पिछले दो वर्षों से लगातार दक्षता परीक्षण में सफलतापूर्वक हिस्सा लिया है। उधर, मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला में डीएनए भवन की आधारशिला भी रखी।
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करीब एक करोड़ की लागत से बनने वाले इस भवन का निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा होगा। सीएम ने आपराधिक जांच में नियोजित वैज्ञानिक उपकरणों के अधिक से अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए भी विभाग की जरूरतों को पूरा करने के निर्देश दिए है।
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धर्मशाला में डीएनए की सुविधा मिलने से कांगड़ा, चंबा और ऊना जिलों को फायदा होगा। इससे पहले डीएनए से संबंधित मामलों को जुन्गा भेजा जाता था। समारोह के दौरान शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी, उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर, डायरेक्टर अरुण शर्मा फोरेंसिक सर्विस निदेशालय शिमला, डिप्टी डायरेक्टर आरएफएसएल धर्मशाला मीनाक्षी महाजन और आरएफएसएल धर्मशाला के सहायक निदेशक एसके पाल भी मौजूद रहे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा शुरू
मुख्यमंत्री ने आरएफएसएल उत्तरी रेंज धर्मशाला में वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा का भी शुभारंभ किया। इसके माध्यम से अब एक्सपर्ट को गवाही के लिए कोर्ट जाने की जरूरत नहीं होगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही वह किसी भी कोर्ट में अपनी गवाही दे सकेगा।