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कोविड काल में देश में 42 हजार टन बढ़ी मशरूम की पैदावार, हिमाचल पांचवें स्थान पर
Wed, 18 Aug 2021 12:19 PM IST
Krishan Singh
ललित कश्यप, अमर उजाला, सोलन
ललित कश्यप, अमर उजाला, सोलन
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 18 Aug 2021 12:19 PM IST
सार
मशरूम के उत्पादन में हिमाचल प्रदेश पांचवें स्थान पर रहा है। इस बार मशरूम से करीब ढाई हजार करोड़ का कारोबार हुआ है।
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मशरूम(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोविड काल में देश में मशरूम के उत्पादन और कारोबार में बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष देश में दो लाख टन मशरूम पैदा हुई थी, जो इस बार बढ़कर दो लाख 42 हजार टन तक पहुंच गई है। इस वर्ष ओडिशा मशरूम उत्पादन में नंबर एक स्थान पर आ गया है। महाराष्ट्र दूसरे, बिहार तीसरे स्थान पर है। हिमाचल प्रदेश पांचवें स्थान पर रहा है।
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इस बार मशरूम से करीब ढाई हजार करोड़ का कारोबार हुआ है। कोविड के बीच मशरूम के दामों में गिरावट आई थी, लेकिन बाद में मशरूम के दोगुने दाम मिले। हिमाचल के किसानों को मशरूम तैयार करने के लिए बाहरी राज्यों से गेहूं, गन्ने का भूसा महंगे दामों में खरीदना पड़ता है जबकि बाहरी राज्यों में यह कच्चा माल आसानी से और सस्ते दाम में किसानों को मिल रहा है।
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वहीं, दस सितंबर को आयोजित होने वाला राष्ट्र स्तरीय खुंब मेला इस बार कोविड के कारण ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शनियों को ऑनलाइन दिखाया जाएगा। इससे पहले इस मेले का आयोजन डीएमआर सोलन के परिसर में किया जाता था। यहां पर देश भर के किसान पहुंचते थे।
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बाहरी राज्यों में अधिक पैदावार : डॉ. शर्मा
खुंब निदेशालय सोलन के निदेशक डॉ. वीपी शर्मा ने कहा कि कोविड के बीच मशरूम उत्पादन बढ़ा है। बाहरी राज्यों में मशरूम की अधिक पैदावार होने लगी है। इसका मुख्य कारण वहां पर मशरूम को तैयार करने के लिए कच्चा माल आसानी से मिलना है।