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Shimla News: अफसर खुद नहीं दे रहे बिल, लोगों को बिजली-पानी काटने के नोटिस
Wed, 15 Feb 2023 01:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 15 Feb 2023 01:52 PM IST
सार
नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा के एक अफसर समेत निगम के कई प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें आठ महीने से लेकर डेढ़ साल तक के बिल भरने हैं।
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नगर निगम शिमला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी में कूड़ा बिल जमा न करवाने वाले लोगों को नोटिस थमा रहे नगर निगम के अपने कई अधिकारी खुद महीनों से बिल जमा नहीं करवा रहे हैं। यह लोगों को तो सात दिन में बिल जमा करने का नोटिस दे रहे हैं, लेकिन खुद बिल भरने की जहमत नहीं उठा रहे। कई अफसरों ने तो 2021 में आखिरी बार बिल भरा था।
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नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा बिल जमा न करवाने वाले उपभोक्ताओं को इन दिनों नोटिस जारी कर रही है। अभी बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस में लिखा है कि यदि सात दिन में कूड़ा बिल चुकता न किया तो बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नगर निगम बंद कर सकता है।
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लेकिन मजे की बात यह है कि इसी शाखा के एक अफसर समेत निगम के कई प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें आठ महीने से लेकर डेढ़ साल तक के बिल भरने हैं। हालांकि, प्रोजेक्ट अफसर समेत कई सेनेटरी इंस्पेक्टर ऐसे भी हैं जिन्होंने अप्रैल 2023 तक एडवांस में ही बिल भर रखा है। लोगों ने कहा कि इस तरह के मामलों में एक समान कार्रवाई होनी चाहिए।
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5,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं को नोटिस
शहर में करीब 60 हजार लोग नगर निगम की डोर टू डोर गारबेज योजना से जुड़े हैं। करीब पांच हजार से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो समय से बिल नहीं भर रहे। पहले ऐसे लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं, जिनके कूड़ा शुल्क की राशि 50 हजार से अधिक हो चुकी है।
ये सभी व्यावसायिक उपभोक्ता हैं जिन्होंने कई महीने से बिल नहीं भरा है। शहर में इकट्ठा होने वाले कूड़ा बिल से ही सैहब कर्मचारियों की तनख्वाह जारी होती है। करीब 800 सैहबकर्मी घरों से रोज कूड़ा उठाकर शहर की सफाई का जिम्मा संभाल रहे हैं।