राजधानी शिमला में महंगी होगी बिजली, दुकानों का बढ़ेगा किराया
नगर निगम शिमला ने आय बढ़ाने के लिए राजधानी में न सिर्फ नए टैक्स लगा दिए हैं बल्कि बिजली और शराब आदि पर लगने वाला एमसी सैस भी दोगुना कर दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे भाजपा शासित नगर निगम ने वीरवार को बजट पेश किया। भाजपा शासित नगर निगम का यह चौथा बजट है। एमसी की संपत्तियों का किराया बढ़ेगा। इसमें नगर निगम की दुकानें और बड़े भवन शामिल हैं जिन्हें किराये पर दे रखा है।
बजट में लगाए गए टैक्स और सैस से अब शिमला आने वाले सैलानियों, शहर के कारोबारियों और आम जनता की जेब ढीली होगी। ज्यादातर टैक्स और सैस निगम पहले भी पारित कर चुका है लेकिन सरकार की मंजूरी न मिलने से इसे अब तक लागू नहीं कर पाया था। बजट में फिर से इन्हें लागू करने का फैसला लिया है।
मेयर सत्या कौंडल ने अगले वित्तीय वर्ष से शिमला आने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की घोषणा बजट में की। यह प्रस्ताव पांच साल से लटका पड़ा है। इसके अलावा मेयर ने बिजली और शराब पर लगने वाला सैस बढ़ाने की भी घोषणा की।
मेयर ने नगर निगम की संपत्तियों का किराया दोबारा तय करने का एलान किया। शहर में स्टैंप ड्यूटी और कोरियर पर शुल्क लगाने की घोषणा भी की है। इससे आम जनता पर भी असर पड़ेगा। हालांकि, अंतिम मंजूरी के लिए इसे अब सरकार को भेजा जाएगा। मेयर ने कहा कि पार्षदों के सुझावों पर ही नये टैक्स लगाए हैं और सैस बढ़ाए हैं।
कहां कितना लगेगा टैक्स
1. बाहरी राज्यों की गाड़ियों पर लगेगा ग्रीन टैक्स
शिमला आने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। इसमें छोटी से 200, बड़ी गाड़ी से 300 रुपये टैक्स वसूला जाएगा। नगर निगम को हर साल 15 करोड़ की आय होगी। शहर की जनता पर बोझ नहीं पड़ेगा।
2. स्टैंप ड्यूटी लगेगी, महंगा होगा पंजीकरण
शहर में अचल संपत्तियों के पंजीकरण पर निगम स्टैंप ड्यूटी लेगा। इससे निगम को सालाना एक करोड़ की आय होगी। ड्यूटी कितनी लगेगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पंजीकरण करना महंगा होगा।
3. बिजली पर अब डबल एमसी सैस
नगर निगम शहर में बिजली पर लगने वाला सैस भी दोगुना कर रहा है। अब दस पैसे प्रति यूनिट की जगह 20 पैसे प्रति यूनिट सैस वसूला जाएगा। निगम को 1.75 करोड़ की आय होगी। जनता पर बोझ पड़ेगा।
4. शराब पर ढाई गुना बढ़ा सैस
शहर में शराब की बिक्री पर प्रति बोतल दो रुपये सैस को बढ़ाकर पांच रुपये किया जाएगा। इससे निगम को दो करोड़ की आय होगी। सैस बढ़ने से शहर में शराब के रेट बढ़ सकते हैं।
5. ऑनलाइन शॉपिंग पर लगेगा नया शुल्क
नगर निगम पहली बार प्रति कोरियर पांच रुपये शुल्क लगाने जा रहा है। इससे ऑनलाइन शॉपिंग कर कोरियर से सामान मंगाना महंगा हो सकता है। हालांकि, शहर के कारोबारियों को इससे फायदा होगा।
6. निगम संपत्तियों का बढ़ेगा किराया
शहर में नगर निगम की संपत्तियों का किराया दोबारा तय होगा। निगम का मानना है कि वर्तमान किराया बाजार कीमतों से कम है। इसे बढ़ाया जाएगा। इससे कारोबारियों पर मार पड़ेगी।