मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना: आयुर्वेदिक धूप और अगरबत्ती से महकेंगे प्रदेश के शक्तिपीठ
प्रदेश के शक्तिपीठों में ज्वालाजी, चामुंडा, बज्रेश्वरी देवी और शिव मंदिर बैजनाथ सहित नैना देवी बिलासपुर में भी पूजा अर्चना के लिए इसका इस्तेमाल होगा। इस प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने से प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा।
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हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठ जल्द आयुर्वेदिक पद्धति से तैयार धूप और अगरबत्ती से महकेंगे। जोगिंद्रनगर में मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना में बैजनाथ निवासी कंप्यूटर इंजीनियर चंद्र दीक्षित ने इस पर शोध कार्य शुरू किया है। प्राकृतिक तरीके से तैयार होने वाले धूप सामग्री से न केवल लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित होने से बचेगा। प्रदेश के शक्तिपीठों में ज्वालाजी, चामुंडा, बज्रेश्वरी देवी और शिव मंदिर बैजनाथ सहित नैना देवी बिलासपुर में भी पूजा अर्चना के लिए इसका इस्तेमाल होगा। इस प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने से प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा। भारत सरकार के आयुष विभाग के जोगिंद्रनगर स्थित भारतीय चिकित्सा पद्धति अनुसंधान संस्थान में स्थापित इंक्यूबेशन केंद्र में इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया है।
क्षेत्रीय निदेशक एवं सुगमता केंद्र उत्तर भारत डॉ. अरूण चंदन ने बताया कि जड़ी-बूटियों और वन औषधियों में स्टार्ट अप को मदद करने की दिशा में भारतीय चिकित्सा पद्धति अनुसंधान संस्थान जोगिंद्रनगर में इंक्यूबेशन केंद्र कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के माध्यम से यहां पर नवोन्मेषी विचार को लेकर शोध कार्य किया जा रहा है शोध कर रहे चंद्र दीक्षित ने कहा कि प्रदेश में बायो वेस्ट प्रबंधन पर जिला कांगड़ा प्रशासन के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। आयुष विभाग के सहयोग से जड़ी-बूटियों से तैयार होने वाली धूपन सामग्री से जहां जड़ी-बूटियां तैयार करने वाले प्रदेश के किसान लाभान्वित होंगे, वहीं उपभोक्ताओं को वैज्ञानिक तरीके से तैयार आयुर्वेदिक धूप और अगरबत्ती प्राप्त हो सकेगी और पूजा अर्चना के लिए प्रदेश के सभी शक्तिपीठों में इसका इस्तेमाल भी हो पाएगा।