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हिमाचल: मुकेश अग्निहोत्री बोले- प्रदेश में जल संरक्षण की ओर अग्रसर होना जरूरी
Mon, 16 Jan 2023 09:14 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 16 Jan 2023 09:14 PM IST
सार
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अधिकारी प्रदेश में उपभोक्ताओं को 24 घंटे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाएं। वर्षा एवं हिम जल संचय, भू-जल पुनर्भरण एवं स्रोत स्थिरता पर अधिक बल देने की आवश्यकता है।
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उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने की बैठक।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अधिकारी प्रदेश में उपभोक्ताओं को 24 घंटे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाएं। वर्षा एवं हिम जल संचय, भू-जल पुनर्भरण एवं स्रोत स्थिरता पर अधिक बल देने की आवश्यकता है। पानी की गुणवत्ता और संरक्षण के लिए विभाग को जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करें। उन्होंने अधिकारियों को हर विधानसभा क्षेत्र में रोड मैप तैयार करने को कहा। विभाग की पुरानी मशीनरी के संरक्षण के लिए किसी संग्रहालय या उपयुक्त जगह का चयन किया जाना चाहिए ताकि हमारी भविष्य की पीढ़ियों को पुरानी मशीनरी और कार्य पद्धति के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके।
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उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को जल शक्ति भवन टूटीकंडी शिमला में जल शक्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार का मुख्य ध्येय है। सभी अधिकारी पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्धता से अपने कर्तव्य का निर्वहन सुनिश्चित करें। जल उपयोगकर्ता से जल संरक्षण की ओर अग्रसर होना चाहिए ताकि भविष्य में जल की कमी न हो। अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी तीन-तीन योजनाओं और अधीक्षण अभियंता से प्रमुख अभियंता स्तर तक के अधिकारी एक-एक बड़ी योजना गोद लें ताकि इन योजनाओं में बेहतर कार्य हो सके।
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अग्निहोत्री ने कहा कि पीने के पानी के साथ-साथ हमें सिंचाई पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि किसानों की आय में भी वृद्धि हो सके। सिंचाई की दृष्टि से बेहतर कार्य करने के लिए पुन: मूल्यांकन किए जाए। प्रदेश में पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 67 प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई है, जिसमें से 58 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल से मान्यता प्रात है। विभाग में टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखें। उन्होंने पुराने कुओं एवं तालाबों को सुरक्षित और संरक्षित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें ताकि प्रदेश का संतुलित विकास किया जा सके।
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ये रहे मौजूद
इस अवसर पर सचिव जल शक्ति अमिताभ अवस्थी, प्रमुख अभियंता संजीव कौल, प्रमुख अभियंता परियोजना धर्मेंद्र गिल, प्रदेश से सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।