फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   MP Kangana Ranaut said- My views on agricultural laws are personal, not the stand of any party

Kangana Ranaut: कृषि कानूनों पर दिए बयान पर कंगना रणौत ने जताया खेद, बोलीं- मैं अपने शब्द वापस लेती हूं

Wed, 25 Sep 2024 06:26 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो/एजेंसी, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 25 Sep 2024 06:26 PM IST
सार

 कृषि कानूनों को वापस लाने संबंधी अपनी टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहीं भाजपा सांसद कंगना रणाैत ने बुधवार को कहा कि विवादास्पद कानूनों पर उनके विचार निजी हैं और पार्टी के रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। 

विज्ञापन
MP Kangana Ranaut said- My views on agricultural laws are personal, not the stand of any party
सांसद कंगना रणौत - फोटो : संवाद

विस्तार

वर्ष 2021 में निरस्त किए गए कृषि कानूनों को वापस लाने संबंधी अपनी टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहीं भाजपा सांसद कंगना रणाैत  ने बुधवार को कहा कि विवादास्पद कानूनों पर उनके विचार निजी हैं और पार्टी के रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। एक्स पर एक पोस्ट में कंगना ने लिखा, 'किसान कानूनों पर मेरे विचार व्यक्तिगत हैं और वे उन विधेयकों पर पार्टी के रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।' इसके बाद उन्होंने एक वीडियो संदेश भी जारी किया।

विज्ञापन


विज्ञापन


इसमें कंगना ने कहा, 'बड़ी संवेदनशीलता व सहानुभूति से कृषि कानूनों को पीएम मोदी ने वापस लिया है। हम सब कार्यकर्ताओं का कर्तव्य बनता है कि हम उनके शब्दों की गरिमा रखें। मुझे यह बात भी ध्यान में रखनी होगी कि मैं अब एक कलाकार नहीं, भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता हूं और मेरे विचार अपने नहीं होने चाहिए, वो पार्टी का स्टैंड होने चाहिए। अगर मैंने अपने शब्दों व सोच से किसी को नाराज किया है तो मुझे खेद है, मैं अपने शब्द वापस लेती हूं। '
विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें, मंगलवार को मंडी जिले में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कंगना ने कहा था कि तीन कृषि कानूनों का विरोध केवल कुछ राज्यों में हुआ है। उन्होंने कहा था, 'किसान भारत की प्रगति में ताकत का स्तंभ हैं। केवल कुछ राज्यों में उन्होंने कृषि कानूनों पर आपत्ति जताई थी। मैं हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि किसानों के हित में कृषि कानूनों को वापस लाया जाना चाहिए।'उन्होंने कहा था कि देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है और कृषि कानूनों को बहाल करने से किसानों के लिए बेहतर वित्तीय स्थिरता और विकास सुनिश्चित होगा, जिससे अंततः कृषि क्षेत्र को लाभ होगा।


कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ पार्टी तीनों कानूनों को वापस लाने के प्रयास कर रही है और कहा कि हरियाणा इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। रणाैत की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राजनीतिक दल 5 अक्तूबर को हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। हरियाणा में किसानों की ओर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखा गया था। खासकर दिल्ली की सीमाओं पर तीन कानूनों को निरस्त करने की मांग की गई थी। कानूनों को अंततः 2021 में मोदी सरकार की ओर से वापस ले लिया गया था। अब कंगना ने अपने बयान पर खेद जताया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed