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लाहौल के काजा में आईस क्लाइंबिंग की संभावना तलाशने पहुंचे पर्वतारोही
Sun, 20 Dec 2020 12:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर
रतन कटोच, अमर उजाला नेटवर्क, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)
रतन कटोच, अमर उजाला नेटवर्क, रोहतांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 20 Dec 2020 12:25 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के काजा उपमंडल में आईस हॉकी रिंक पर स्थानीय युवा और डोगरा रेजिमेंट के जवान प्रशिक्षण शिविर में खूब पसीना बहा रहे हैं। लाहौल में भी कुछ पर्वतारोही आईस क्लाइंबिंग की संभावनाओं को तलाशने तोदघाटी पहुंच गए हैं। गेमूर स्थित होरदोंग लुम्पा में दो दिन पर्वतारोही 250 मीटर ऊंचे नाले में जमे पानी पर चढ़ाई करेंगे।
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दल में शामिल भरत भूषण ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से वह स्पीति में लिंगटी परियोजना के पास पर्यटकों को आईस क्लाइंबिंग करवा रहे हैं। बताया कि अटल टनल रोहतांग के बाद लाहौल में भी इसकी अपार संभावनाएं हैं। तोदघाटी में दो दिन में वाटरफाल आईस पर टीम ने चढ़ाई पूरी की है।
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स्थानीय निवासी दोरजे ठाकुर ने बताया कि 18 और 19 दिसंबर को शिमला के भरत भूषण, नैनीताल के टोनी और केलांग निवासी सुनील गेमूर के पास वाटरफाल में जमी आईस पर चढ़ाई करने पहुंचे। इनके लिए स्थानीय लोगों ने खाने और ठहरने का इंतजाम किया है।
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कोकसर पंचायत के तेलिंग गांव से संबंध रखने वाले पर्वतारोही प्रशिक्षक प्रशांत मीरूपा ने बताया कि गत वर्ष कोकसर स्थित बचाव चौकी के दल ने भी कोकसर से चार किलोमीटर दूर धारा नामक स्थान पर जमे पानी के ऊपर चढ़ाई की थी। यहां भी आईस क्लाइंबिंग की संभावनाएं तलाशी गईं।