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Shimla News: कालीबाड़ी में उलुलु ध्वनि के बीच हुई मां की संधि पूजा

Tue, 30 Sep 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Sep 2025 11:59 PM IST
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Mother's Sandhi Puja was performed amidst the sound of Ululu in Kalibari.
माता को अर्पित किए कमल के 108 फूल
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आठवें नवरात्र पर हजारों लोगों ने किए मां के दर्शन

संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के कालीबाड़ी मंदिर के हॉल में मंगलवार को आठवें नवरात्र पर पहले महागौरी की पूजा की गई। इसके बाद विशेष संधि पूजा हुई।
दुर्गा पूजा के तहत संधि पूजा तय मुहूर्त पर दोपहर 1:20 बजे ढोल-नगाड़ों और बंगाली महिलाओं के परंपरागत जोकारों (उलुलु ध्वनि जो शुभ और प्रसन्नता का प्रतीक है) के साथ शुरू हुई। यह पूजा विशेष मुहूर्त पर शुरू होकर तय 48 मिनट के बाद 2:08 बजे समाप्त हुई। पूजा शुरू होने पर सबसे पहले माता को जल, अक्षत, चूड़ियां, सिंदूर और अन्य सुहाग सामग्री भेंट की गई। इसके बाद संधि पूजा के लिए विशेष तौर पर कोलकाता से लाए गए 108 कमल के फूल अर्पित किए गए। इस अवसर पर मंदिर में पूजा के लिए देसी घी के 108 दीये भी जलाए गए। शिमला और विशेष तौर पर कोलकाता से भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में पहुंचे थे। बंगाली महिलाओं के जोकारों से मंदिर उत्साह और सकारात्मकता से भर गया। मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका और पूजा में अपनी हाजिरी लगाई। भक्तों को बंगाली व्यंजनों का भंडारा भी परोसा गया। भंडारे में भक्तों को खिचड़ी, सब्जी, टमाटर की मीठी चटनी तथा खीर परोसी गई।



यह है संधि पूजा
कालीबाड़ी मंदिर के पंडित अम्लान गोस्वामी ने बताया कि संधि पूजा का अर्थ है दो तिथियों के बीच का समय से है। इसमें अष्टमी तिथि के 24 मिनट और नवमी तिथि के 24 मिनट के बीच यह पूजा होती है। उन्होंने बताया कि कथाओं के अनुसार जब मां दुर्गा ने चंड-मुंड का वध किया था और जब वह ब्रह्मा के पास पहुंचीं तो उन्होंने कहा कि आज से अष्टमी और नवमी तिथि के संधि समय पर विशेष पूजा की जाएगी। पंडित ने बताया कि देवी चंड-मुंड का वध करके मां बहुत क्रोधित हो गईं थीं। इनके क्रोध को शांत करने के लिए 108 कमल के फूल अर्पित किए गए थे और 108 दीये जलाए थे, तब से यह प्रथा चली आ रही है।
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